आ गई लखनऊ मेट्रो चलने की पक्की डेट
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मुख्य सचिव आलोक रंजन की एक घोषणा ने सोमवार को लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों को सांसत में डाल दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि मेट्रो रेल अपने तय समय एक सितंबर-2016 से चलने लगेगी। यह सुनते ही एलएमआरसी के अधिकारियों के होश उड़ गए।
ऐसा इसलिए क्योंकि, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से मेट्रो रेल के ट्रायलके लिए दिसंबर-2016 और संचालन मार्च-2017 की समय सीमा (डेडलाइन) तय है। मुख्य सचिव ने यह घोषणा अमौसी स्थित मेट्रो रेल परियोजना के कास्टिंग यार्ड में की। वह यहां मौका मेट्रो के पहले यू गर्डर का निर्माण शुरू होने के मौके पर आए थे।
सोमवार से यहां गर्डर बनाने का काम शुरू हो गया। एलएंडटी के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को कास्टिंग यार्ड की विशेषताओं से अवगत करवाया। आलोक रंजन ने कहा कि मेट्रो परियोजना की प्रगति तय समय के हिसाब से हो रही है। जिसको लेकर सरकार पूरी तरह से संतुष्ट है।
एक दूसरे का मुंह ताकने लगे अधिकारी
आलोक रंजन ने कास्टिंग यार्ड के निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत की। यहां की गई उनकी घोषणा से ही असमंजस खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना की रफ्तार बहुत अच्छी है। काम संतुष्टिपरक तरीके से आगे बढ़ रहा है।
उम्मीद करते हैं कि एक सितंबर-2017 तक मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। आलोक रंजन के ये बोलते ही एलएमआरसी के अधिकारी एक दूसरे का मुंह देखने लगे। दरअसल मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जो समय बोला वह तय समय से तीन महीने कम है। जबकि, मेट्रो परियोजना के लिए एक-एक दिन का समय महत्वपूर्ण है।
केंद्र से मिलेगी मदद पत्राचार जारी, एक महीने में स्वीकृति
मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार से परियोजना को हर संभव मदद मिलेगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हमें कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए जमीन दे ही दी है। इसे निशुल्क किराए पर लेने के लिए बातचीत जारी है।
बहुत जल्द ही सकारात्मक फैसला अवश्य हो जाएगा। आलोक रंजन ने कहा कि, केंद्र सरकार से इस संबंध में पत्राचार हो रहा है। उम्मीद करते हैं कि, एक महीने के भीतर हमको केंद्र सरकार से पीआईबी स्वीकृति मिल जाएगी।
पहले भी हो चुका असमंजस
मेट्रो चलने की तारीख को लेकर पहले भी असमंजस की स्थिति पैदा हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने जब दिसंबर-2016 की तारीख बताई थी, उसके बाद एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन ने सितंबर-2017 की डेडलाइन बताई थी।
इस असमंजस के बाद सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि दिसंबर-2016 से ट्रायल और मार्च-2017 से संचालन। इसमें अब मुख्य सचिव की एक सितंबर-2016 की डेट ने नया कन्फ्यूजन खड़ा कर दिया है।
एक सप्ताह में जिनसे जमीन चाहिए उनकी बैठक होगी
रेलवे, एलडीए, सेना, शिक्षा विभाग और गृह विभाग जिनसे भी मेट्रो परियोजना के लिए जमीन की आवश्यकता है, उनके अधिकारियों की अगले एक सप्ताह के भीतर एक विशेष बैठक होगी। जिसमें भूमि हस्तांतरण के मुद्दे पर ही जो अड़चनें हैं, उनको दूर किया जाएगा।
इस पर एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव का कहना है कि मुख्य सचिव के कहने का अर्थ वह नहीं था, जो समझा जा रहा है। एलएंडटी के अधिकारियों ने उनको बताया था कि सिविल वर्क सितंबर-2016 तक खत्म हो जाएगा। वह यही कहना चाह रहे थे। मगर वे बोल ये गये कि एक सितंबर 2017 से मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा।