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मेट्रो स्टेशन के बाहर मिलेगी एक अनोखी सवारी!
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Tue, 10 Sep 2013 12:45 PM IST
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मेट्रो के साथ में फीडर सर्विस बड़ा सवाल बन गई है।
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हो सकता है कि मेट्रो स्टेशन से निकलते ही आगे की यात्रा के लिए आपको किराए पर साइकिल, ऑटो और बस भी मिले। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने 30 अगस्त को एक आदेश जारी किया है।
इसके तहत जब तक डीपीआर में फीडर सर्विस का विस्तृत उल्लेख नहीं होगा, उसे पास नहीं किया जाएगा। इसमें न केवल फीडर बस सर्विस बल्कि बाइक शेयरिंग (किराए पर साइकिल या बाइक) का विकल्प भी दिया गया है।
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इस आधार पर लखनऊ मेट्रो सेल भी राजधानी में स्टडी कराके फीडर सर्विस के नेटवर्क का इंतजाम करेगा। कोशिश होगी कि मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने के बाद अधिक से अधिक लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल गंतव्य तक पहुंचने के लिए करें।
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इसके तहत मेट्रो सेल मेट्रो स्टेशन के बाहर जेएनएनयूआरएम की बस, ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा और साइकिल सेवा देने की तैयारी कर रहा है। डीपीआर में यह बदलाव जल्द ही किया जाएगा और इसे कैबिनेट से भी अप्रूव करवाया जाएगा। इसके पहले डीपीआर के एफआरआर (फाइनेंशियल रेट ऑफ रिटर्न) में बदलाव किया जा चुका है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने जिन जिन शहरों ने अपनी डीपीआर अप्रूव करने के लिए केंद्र को भेजी है, उनको इस संबंध में निर्देश दे दिया है।
इसमें साफ कहा गया है कि केवल मेट्रो चलने से कोई खास हल नहीं निकलेगा। सड़क पर निजी वाहनों को कम करने से ही जाम का दबाव कम हो सकेगा। इसलिए मेट्रो संचालित करने वाली एजेंसी को फीडर सर्विस देनी ही पड़ेगी।
टोरंटों से उठाएंगे बाइक शेयरिंग का कॉन्सेप्ट
प्राधिकरण कनाडा के शहर टोरंटो से बाइक शेयरिंग का कॉन्सेप्ट उठा सकता है। मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने इस संबंध में विस्तृत स्टडी कर ली है। टोरंटो में बिक्सी नाम की सेवा संचालित की जा रही है।
इसमें एक हजार साइकिल चलाई जाती हैं। इनके लिए पूरे टोरंटो में 80 स्टेशन बनाए गए हैं। लोगों को इस सेवा के लिए साल भर का 97 कनाडियन डॉलर खर्च करना पड़ता है। इसके बाद मेट्रो से आते-जाते समय वे अपने घर के नजदीकी बिक्सी स्टेशन से साइकिल ले सकते हैं।
इसको मेट्रो स्टेशन पर खड़ा करके मेट्रो से जाएं और इसी तरह से लौटते समय भी साइकिल ली जा सकती है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होता है बल्कि सड़कों पर जाम की परेशानी भी खत्म होती है। कुछ इसी तरह की प्लानिंग लखनऊ में कि ए जाने के लिए मेट्रो सेल अब स्टडी करेगा।
सबका टिकट होगा एक साथ
इन सारी सेवाओं का टिकट एक साथ ही होगा। मिसाल के तौर पर अगर आपको मेट्रो और साइकिल सेवा लेनी है, तो दोनों का टिकट एक साथ होगा।
इसी तरह से रिक्शा, ऑटो रिक्शा या फिर बस सेवा सबका टिकट मेट्रो के साथ ही मिलेगा। इससे लोगों को बार-बार टिकट की लाइन में लगने जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसको इंट्रीगेटेड टिकटिंग सिस्टम कहा जाएगा।