{"_id":"1bcd193b33b080d0f4c242be80e49b0e","slug":"metro-be-a-part-of-cdp","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मेट्रो भी होगी सिटी डवलपमेंट प्लान का हिस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मेट्रो भी होगी सिटी डवलपमेंट प्लान का हिस्सा
प्रवेन्द्र गुप्ता/लखनऊ
Updated Mon, 14 Oct 2013 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना मेट्रो शहर के विकास की परिकल्पना असंभव है। यही वजह है कि इस बार जो पुनरीक्षित सिटी डवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है,उसमें मेट्रो को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
पिछली बार सीडीपी में सिर्फ सड़क ट्रांसपोर्ट को ही शामिल किया गया था,लेकिन इस बार सीडीपी मेट्रो को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी।
इसके अलावा उन मार्गों पर जहां अभी मेट्रो प्रस्तावित नहीं है, वहां पर ट्रैफिक सुगम बनाने के लिए फ्लाई ओवर,सिटी बस स्टॉप,बस शेल्टर आदि कहां पर बनाए जा सकते हैं,इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
विज्ञापन
शहर की पेयजल और सड़क आवश्यकताओं का अध्ययन भी इसके तहत किया जाना है। कुल मिलाकर अगले तीन महीने में यह तय हो जाएगा कि शहर को संवारने के लिए क्या जरूरी है। इसके लिए सीडीपी बनाने का काम शुरू हो गया है।
विज्ञापन
जेएनएनयूआरएम के द्वितीय चरण के लिए शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुनरीक्षित सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाया जाना है।
इसका काम तो करीब एक सप्ताह पहले कंसलटेंट ने शुरू कर दिया था लेकिन तब नगर आयुक्त की मंजूरी नहीं मिली थी। अब नगर आयुक्त ने इसे अप्रूव्ड कर दिया है।
सीडीपी बनाने का काम नोयडा की सेनेस कंसल्टेंट कंपनी को दिया गया है। जेएनएनयूआरएम योजना केतहत वर्ष 2006 में शहर की समग्र अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया था।
जिसमें अब छह साल में शहर के मास्टर प्लान में हुए बदलाव और अवस्थापना सुविधाओं की मांग और उपलब्धता को देखते हुए फिर से फेरदबल किया जाएगा।
रिवाइज सीडीपी के तहत ही शहर में पेयजल, सीवरेज, पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, ट्रैफिक समेतविभिन्न जनसुविधाओं के समयबद्ध विकास की योजना तैयार की जाएगी।
जेएनएयूआरएम योजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जो पुनरीक्षित सीडीपी तैयार किया जाएगा। उसमें शहर की मौजूदा अवस्थापना सुविधाओं का भी ब्योरा रहेगा और शहर को किन-किन सुविधाओं की जरूरत है,इसकी डिटेल भी इसमें शामिल होगी।
पूर्व में तैयार सीडीपी के तहत जो कार्य पूरे हो गए हैं और जो प्रगति पर हैं उनका भी उल्लेख रहेगा। जो सुविधाएं हैं वह कब तक उपयोगी साबित होंगी इसका भी अध्ययन किया जाएगा और उसी हिसाब से शहर केलिए सुविधाओं को जुटाने की योजना तैयार होगी।
मिलेगी कई कामों को मंजूरी
वर्ष 2006 में वर्ष 2031 तक के लिए जो सीडीपी तैयार किया गया था, उसमें 17 कार्य शामिल किए थे। जिनमें वाटर सप्लाई, सीवरेज, ड्रेनेज और कचरा प्रबंधन के कार्ययोजना ही केंद्र सरकार ने मंजूर की थी।
इन कार्यों की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने सिटी ट्रांसपोर्ट की योजना को भी मंजूरी दी थी। शेष कार्यों को द्वितीय चरण में मंजूर करने का आश्वासन दिया था।
पिछली सीडीपी में शामिल जिन कार्यों को मंजूरी नहीं मिली थी उनमें इंटर्नल ड्स,वीआईपी रोड (लोहिया पथ),पार्किंग (पीपीपी),एक्सप्रेस वे,शहर का सुंदरीकरण,रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, तालाबों का रखरखाव,स्ट्रीट लाइट,हेरिटेज व कम्युनिटी सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट शामिल है।
अब जो रिवाइज सीडीपी तैयार की जा रही है,उनमें इन कार्यों को मंजूरी मिलने के आसार हैं।