नसबंदी कराने पर पुरुषों को मिलेगा 2 हजार का चेक
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जनसंख्या वृद्धि व परिवार नियोजन को लेकर भी प्रदेश में काम हो रहा है। जागरूकता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर इस्तेमाल के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है।
सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल की ओर से प्राइवेट कॉन्ट्रीब्यूशन इन पॉपुलेशन स्टैबलाइजेशन इन लखनऊ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एनएचएम के निदेशक अमित घोष ने कुछ बड़ी घोषणाएं की।
घोष ने बताया कि जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए परिवार नियोजन कार्यक्रम भी बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। पीएसआई के प्रोग्राम निदेशक जॉर्ज फिलिप ने कहा,नसबंदी कार्यक्रम अभी सरकारी अस्पतालों में ही चलाया जा रहा था।
पीएसआई इसे और आगे बढ़ाने के लिए निजी अस्पतालों को भी जोड़ रही है जहां लाभार्थियों को मिलने वाली राशि भी वितरित की जाएगी। प्राइवेट अस्पताल में पुरुष नसबंदी के लिए दो हजार और महिला को एक हजार का चेक मिलेगा।
गर्भवती महिलाओं को मिलेगी खास सुविधाएं
गर्भवती महिलाओं,नवजात बच्चों और परिवार नियोजन के बारे में स्वास्थ्य विभाग बड़े स्तर पर काम कर रहा है। प्रदेश के महिला अस्पतालों में आठ हजार बेड बढ़ाए जाएंगे।
उन्होंने कहा,प्रदेश के विभिन्न महिला अस्पतालों में आठ हजार बेड बढ़ेंगे। योजना के मुताबिक 50 बाल महिला चिकित्सालयों में 100,30 सीएचसी में 50 और 50 सीएचसी में 30-30 बेड बढ़ाए जाएंगे।
इन्हें मातृ एवं शिशु इकाई के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। घोष ने बताया कि जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए परिवार नियोजन कार्यक्रम भी बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है।
नसबंदी के कार्यक्रम में अब तक 150 प्राइवेट अस्पतालों ने अभियान से जुड़ने के लिए पंजीकरण करा लिया है। इसमें एक हजार से अधिक अस्पतालों को जोड़ने की योजना है। प्राइवेट अस्पताल वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
एनएचएम निदेशक अमित घोष ने कहा कि सरकार का स्वास्थ्य विभाग संस्थागत प्रसव पर जोर दे रहा है ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को जननी सुरक्षा योजना और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम का लाभ मिल सके।
प्रदेश में प्रतिवर्ष 52 लाख बच्चे पैदा हो रहे हैं। सभी को बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके