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लविवि के सोशल वर्क में मेधावियों के मेडल वितरण समारोह

Tue, 15 Feb 2022 01:42 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 01:42 AM IST
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Medal distribution programm in Lucknow university
विद्यार्थी अपने व्यवसायिक कॅरियर के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी निभाएं। आज आपको जो मेडल मिला है, इस मेडल के अनुरूप खुद को प्रमाणित भी करें।
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यह बातें कहीं विजय कुमार वेलफेयर एंड सेस कमिश्नर (सेंट्रल) प्रयागराज व लखनऊ मंडल ने। वे लखनऊ विश्वविद्यालय के सोशल वर्क विभाग द्वारा आयोजित मेडल वितरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मैं भी यहां का छात्र रहा हूं और अभी भी विभाग से लगाव बना है। आप सब भी यहां से जाने के बाद यहां की बेहतरी के लिए प्रयास करेंगे।
बताया कि मुझे जानकारी नहीं थी कि मेरी मां के नाम से यहां मेडल चलता है। काफी बाद में जब मैं यहां आया तो इसके बारे में पता चला।
कार्यक्रम में अनामिका बाजपेई को चार मेडल विज्ञान रत्न डॉ. लक्ष्मण प्रसाद गोल्डन जुबली गोल्ड पदक, श्री रामचंद्र कृष्ण गोल्ड पदक, राज मोहिनी स्याल गोल्ड पदक, विमला आनंद मेमोरियल गोल्ड पदक शामिल हैं।
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वहीं, मृदुलिका शर्मा को श्रीमती रेशम देवी मौर्य गोल्ड पदक, सोनल को श्री चौधरी बाबूराम नंबरदार व श्रीमती तुलसा देवी मेमोरियल गोल्ड पदक, कर्नल आशीष नौटियाल को लेट राय साहब एमपी श्रीवास्तव गोल्ड पदक से सम्मानित किया गया।
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विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार भारतीय ने हेड के रूप में एक साल पूरे होने पर वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी तंजीला सिद्दीकी ने किया। इस अवसर डीन कला संकाय प्रो. शशी शुक्ला, प्रो. राजकुमार सिंह, डॉ. गरिमा सिंह उपस्थित थे।
सेना हर समय के लिए करती है तैयार
1993 में कमीशन मिला और आर्मी ज्वॉइन की। अभी केरल में पोस्टेड हूं। जॉब मिलने के बाद पूणे मिलिट्री कॉलेज से बीटेक और एमटेक गुजरात से किया। जम्मू कश्मीर में भी तैनात था। इसके बाद दो साल की स्टडी लीव लिया, लविवि से डिजास्टर मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा किया। वहीं, पीजी डिप्लोमा इन सोशल ड्यूटी एंड ह्यूमन राइटस में आज गोल्ड मेडल मिला है। जॉब के साथ पढ़ाई का उद्देश्य थ्योरी नॉलेज लेना है। आज पुलवामा शहीद दिवस पर शहीदों को नमन है। मेरा मानना है कि आर्मी सोचने का तरीका बदल देती है। हम एक एसओपी से काम करते हैं। आर्मी हर समय व मौके के लिए तैयार करती है। इंदिरानगर में निवास है और पत्नी चारू नौटियाल को भी 2000 में लविवि से एमए इन पब्लिक एड में गोल्ड मेडल मिला था। - कर्नल आशीष नौटियाल
प्राथमिक शिक्षा ही आधार, इसे मजबूत करना जरूरी
पीजी के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर रही हूं। आईएएस बनकर बच्चों की शिक्षा, समाज की बेहतरी, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करना चाहती हूं। मेरा मानना है कि प्राथमिक शिक्षा ही फाउंडेशन है, यह जितना अच्छी होगा, आगे उतना ही बेहतर होगा। इसके लिए ही काम करूंगी। विभाग में पढ़ाई के दौरान ग्राउंड लेवल पर जाकर काम करने और बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। पहले जब शिक्षक डांटते थे तो अच्छा नहीं लगता था, लेकिन आज यह महसूस हो रहा है कि शिक्षक हमें अच्छा करने के लिए प्रेरित करते थे। आज चार गोल्ड पाकर बहुत खुशी हो रही है। - अनामिका, मास्टर इन सोशल वर्क
केमेस्ट्री में भी मेधावियों को मिला मेडल
लखनऊ विवि में सोमवार को रसायन विज्ञान विभाग में भी पदक वितरण समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डीन साइंस प्रो. बृजेंद्र सिंह ने मेहनाज नईम को दो मैकमोहन स्वर्ण पदक व खन्ना स्वर्ण पदक दिया। यह पदक एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी को रसायन विज्ञान में उच्चतम अंक प्राप्त करने पर दिया गया। वहीं, अनुराग मिश्रा को शीतला विद्या पदक दिया गया। एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर में सुपर मॉलीक्यूलर और बायो इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री में उच्चतम अंक प्राप्त करने पर यह पदक दिया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण सेठी, प्रो. अनिल मिश्रा, डॉ. अमृता श्रीवास्तव उपस्थित थे।
पढ़ाई ऐसी हो जो समझ में आए
कोविड में पढ़ाई और कोर्स पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन शिक्षकों के सहयोग ने इसे आसान बना दिया। अभी गेट और नेट की तैयारी कर रही हूं। मैं प्रोफेसर बनकर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करूंगी। मेरा मानना है कि पढ़ाई ऐसी हो जो समझ में आए। शोध के क्षेत्र में और बेहतर काम होना चाहिए। - मेहनाज नईम

आईएएस बनकर ग्रामीण क्षेत्र के लिए करूंगा काम
एमएससी के बाद मैं सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा हूं। आईएएस बनकर मेरा लक्ष्य ग्रामीण परिवेश में बेहतरी के लिए काम करना है। वर्तमान परिस्थितियों में बेहतर व्यवस्था न होने से काफी किसान पलायन कर शहरों की ओर भाग रहे हैं। सिंचाई की सुविधा बेहतर करना होगा। पिता सुरेंद्र मिश्रा शिक्षक हैं, जिनसे काफी कुछ सीखने को मिला है। - अनुराग मिश्रा
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