मथुरा में क्या कर रही थीं केंद्रीय खुफिया एजेंसियां : मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने मथुरा कांड में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को फेल बताते हुए प्रदेश के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा, केंद्र को जब कार्रवाई करनी चाहिए तो उसके मंत्री कोरी बयानबाजी में व्यस्त हैं।
मायावती ने यहां एक बयान में कहा कि मथुरा की घटना को लेकर यह सर्वविदित है कि वहां सरकारी संपत्ति पर अवैध धरना व कब्जा करने वालों को हर तरह का सरकारी संरक्षण मिला हुआ था।
वरना, वहां की अवैध गतिविधियों पर प्रदेश की सपा सरकार दो साल तक खामोश न रहती। उन्होंने कहा, इसके बावजूद केंद्र सरकार की भी इसमें कम लापरवाही नहीं है।
उसने अपनी एजेंसियों से खुफिया जानकारी लेकर प्रदेश सरकार को सचेत क्यों नहीं किया? मथुरा जैसी धार्मिक नगरी में केंद्रीय एजेंसियां क्या कर रही थीं?
'गृहमंत्री कानून के मुताबिक कार्रवाई क्यों नहीं करते'
उन्होंने कहा, जब केंद्र को कार्रवाई करनी चाहिए तो प्रदेश भाजपा के नेता लगातार किस्म-किस्म की नाटकबाजी और केंद्रीय मंत्री कोरी बयानबाजी कर रहे हैं। राज्यपाल भी खामोश हैं।
मायावती ने कहा, केंद्रीय गृहमंत्री कह रहे हैं कि यूपी में लोग दहशत में हैं लेकिन सवाल ये है कि फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ संविधान व कानून के मुताबिक कार्रवाई क्यों नहीं करते?
प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था और लोगों में दहशत पर क्या केंद्र सरकार राज्यपाल से रिपोर्ट नहीं मांग सकती? क्या फिर आगे कोई एडवाइजरी जारी नहीं कर सकती?
कहा कि केंद्र पश्चिम बंगाल में तो सीबीआई जांच की पहल कर देता है लेकिन यूपी में चुप्पी साधे हुए है। इससे साबित होता है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा और भाजपा आपस में मिली हुई हैं।