मायावती की किताब की 'कीमत' एक लाख रुपए!
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बसपा की ओर से मायावती के जीवन, उनके कार्यों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर लिखी गई किताब को लेकर पार्टी में काफी हलचल है। दरअसल राष्ट्रीय इकाई की ओर से प्रकाशित इस पुस्तक पर कोई मूल्य नहीं लिखा है, लेकिन चर्चा है कि इसके नाम पर पार्टी के खाली हो चुके कोष को भरने की योजना बनाई गई है।
बताया जा रहा है कि जिन प्रमुख लोगों को यह किताब दी जाएगी, उन्हें पार्टी कोष में जमा होने वाली राशि भी बता दी गई है। चर्चा है कि इस किताब के बदले पदाधिकारियों को पार्टी कोष में एक लाख की राशि जमा करानी है।
सूत्रों से पता चला है कि रविवार देर शाम लखनऊ में हुई प्रांतीय इकाई की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर और प्रदेश महामंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सभी जोनल कोऑर्डिनेटर्स को बहनजी की किताब के बारे में बता दिया।
पार्टी के इलीट क्लास लोगों को मिलेगी किताब
कहा गया कि यह किताब जल्द ही जिला मुख्यालयों में भेज दी जाएगी। यह सिर्फ उन लोगों के लिए होगी, जो पार्टी में विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र के पूर्व और वर्तमान प्रत्याशी हैं। जिला और मंडल पदाधिकारियों को भी इस श्रेणी में रखा गया है।
मतलब साफ है कि यह बुक पार्टी के इलीट क्लास को ध्यान में रखकर प्रकाशित की गई है। इससे पहले भी पार्टी की पुस्तक आई है, लेकिन इस बार कोष खाली होने से यह चर्चा में आ गई है।
बताया जा रहा है कि बजट का पूरा कलेक्शन विधानसभा क्षेत्र स्तर पर करके सभी जिला इकाइयों को भेजना है। इसके लिए 25 मार्च की तारीख भी तय कर दी गई है। किताब का कोई नाम नहीं है, आवरण पृष्ठ पर मायावती की फोटो और बहुजन समाज पार्टी लिखा है।
किताब में आखिर है क्या
मायावती की इस किताब में उनका जीवन परिचय, वर्ष भर की उनकी जनसभाओं और बैठकों की जानकारी, उनके भाषण के अंश और उनके प्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए किए गए कार्यों का विवरण है। जिन लोगों को यह किताब दी जाएगी, उनसे कहा गया है कि वे इसका अध्ययन करें। फिर पार्टी को बढ़ाने में इसका उपयोग करे।
बसपा के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण भाष्कर कहते हैं कि बहनजी की किताब जल्द आने वाली है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है, लेकिन पार्टी कोष में पार्टी के लोग अपना सहयोग करते रहते हैं। किताब सिर्फ वरिष्ठ पदों के लोगों के लिए ही प्रकाशित की गई है।
पार्टी के जोनल कॉर्डिनेटर अशोक सिद्धार्थ कहते हैं कि मायावती के जीवन और साल भर की उनकी गतिविधियों का जिक्र इस किताब में किया गया है। यह राष्ट्रीय स्तर से जारी होती है। इस समय दूसरे राज्यों में यह किताब भेजी गई है। जल्द ही यहां भी दी जाएगी।