कांग्रेस से गठबंधन न करने की मायावती ने बताई ये वजह, जमकर निशाने पर लिया
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा-बसपा गठबंधन का एलान संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में कर दिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा को तो निशाने पर रखा ही कांग्रेस को भी नहीं बख्शा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि भाजपा-कांग्रेस की नीतियों में कोई फर्क नहीं है। कांग्रेस के दौर में घोषित इमरजेंसी रही तो भाजपा के राज में अघोषित इमरजेंसी है।
मायावती ने कहा कि गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने का कोई खास फायदा नहीं है क्योंकि बसपा का सच्चा वोट बैंक कांग्रेस को ट्रांसफर हो जाता पर कांग्रेस का वोट बसपा को कभी न मिलता।
मायावती ने कहा कि भाजपा, सपा-बसपा गठबंधन से बुरी तरह डर गई है इसलिए अखिलेश यादव के पीछे सीबीआई लगा दी है। लेकिन उन्हें ये पता होना चाहिए कि ऐसी किसी भी कोशिश से ये गठबंधन मजबूत ही होगा।
बसपा सुप्रीमो ने एलान किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में सपा व बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी जबकि कांग्रेस के लिए गठबंधन न होते हुए भी अमेठी व रायबरेली की सीट छोड़ दी गई है। दो सीटें अन्य दलों को दी जाएंगी।
कांग्रेस ने अभी भी नहीं छोड़ी उम्मीद
Congress leader, P. Chidambaram on SP-BSP alliance: Perhaps this isn't the last word, maybe there will be some rethink as the elections approach. A truly broad-based alliance will be formed in UP. If necessary, Congress party will contest elections on its own strength. pic.twitter.com/WWyofYy4r0
— ANI UP (@ANINewsUP) January 12, 2019