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पुणे हिंसा दलित स्वाभिमान को कुचलने की फासीवादी कोशिश: मायावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 03 Jan 2018 05:55 PM IST
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पुणे में हुई जातीय हिंसा पर भाजपा व केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ये दलितों का स्वाभिमान कुचलने की फासीवादी कोशिश है। उन्होंने बुधवार को जारी किए गए अपने बयान में महाराष्ट्र सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि जब राज्य सरकार को इतना बड़ा आयोजन होने की जानकारी थी तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
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दरअसल, दलित समाज के लोग महराष्ट्र के पुणे में भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस की 200वीं सालगिरह के मौके पर अपने समाज के लोगों को श्रद्घांजलि देने पहुंचे थे। जहां, उन पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।
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मायावती ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के वर्तमान शासनकाल में देश के अलग-अलग राज्यों में दलितों पर जितनी भी जुल्म-ज्यादती हुई है। उन घटनाओं के एक भी दोषी को अभी तक सख्त सजा नहीं मिली है।
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मायावती ने पुणे की हिंसा पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के रवैये को लापरवाही भरा करार दिया।
गौरतलब है कि महार समाज के लोग युद्घक रहे हैं और अंग्रेजों के समय सेना में रहकर उन्होंने काफी शौर्य अर्जित किया। हर वर्ष दलित समाज के लोग भीमा-कोरेगांव में पहुंचकर इन्हें श्रद्घांजलि अर्पित करते हैं।