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मायावती ने कहा : सपा का बौद्ध मठ, भाजपा का ज्ञानवापी पर बयान दोनों पार्टियों की सोची-समझी राजनीतिक साजिश
Tue, 01 Aug 2023 04:10 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Aug 2023 04:10 PM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि सपा द्वारा बौद्ध मठ को तोड़कर बद्रीनाथ मंदिर बनाने संबंधी बयान के बाद अब भाजपा का ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान आया है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि सपा के बौद्ध मठ को तोड़कर बद्रीनाथ मंदिर बनाने संबंधी बयान के बाद अब भाजपा का ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान आया है। यह सपा और भाजपा की सोची समझी राजनीतिक साजिश है जो बेहद गंभीर व चिंतनीय है। मायावती ने पहले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त थी। मौर्य ने कहा था कि बद्रीनाथ सहित अनेक मंदिर बौद्ध मठों को तोड़कर बनाए गए हैं। आधुनिक सर्वे अकेले ज्ञानवापी मस्जिद का ही क्यों अन्य प्रमुख मंदिरों का भी होना चाहिए।
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मायावती ने कहा था कि इस बयान से न तो बौद्ध और न ही मुस्लिम मौर्य के बहकावे में आने वाले हैं। उधर सोमवार को योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ज्ञानवापी को यदि मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। वहां हमने तो त्रिशूल रखा नहीं। वहां शिवलिंग और देव प्रतिमाएं हैं। ऐसे में मुस्लिम समाज को खुद इसके समाधान की पहल करनी चाहिए। इन दोनों ही बयानों पर बिना नाम लिए मायावती ने निशाना साधा है। कहा है कि पहले बौद्ध मठ वाला बयान और अब कोर्ट में लंबित ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर विवाद को बढ़ाने वाला यह बयान कहीं इन दोनों पार्टियों की सोची-समझी राजनीतिक साजिश का परिणाम तो नहीं। यह गंभीर व चिंतनीय है। ज्ञानवापी मामले में एएसआई से सर्वे कराने के विवाद को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट में अभी लंबित है । ऐसे में इस विवाद के संबंध में कोई भी टीका टिप्पणी करना अनावश्यक ही नहीं बल्कि अनुचित है। कोर्ट के फैसले का सम्मान एवं इंतजार करना जरूरी है।
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