अपने जन्मदिन पर भाजपा से ज्यादा कांग्रेस पर बरसीं मायावती
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लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को अपना 63वां जन्मदिन मनाया। भाजपा से ज्यादा कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि बसपा का यूपी में सपा और अन्य राज्यों में दूसरे सहयोगी दलों के साथ गठबंधन से भाजपा व अन्य विरोधी दलों की नींद उड़ी हुई है। उन्होंने समर्थकों से अपनी सरकार बनाने की अपील की।
सपा से गठबंधन से खुश मायावती ने पार्टी मुख्यालय पर आयोजित जन्मदिन कार्यक्रम में करीब 25 मिनट बोलीं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सबसे ज्यादा समय कांग्रेस सत्ता में रही। लेकिन गरीबों, अल्पसंख्यकों, पिछड़ों व एससी-एसटी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद जो पार्टियां सत्ता में आईं, उनकी भी कार्यशैली कांग्रेस की ही तरह रही। किसान सबसे ज्यादा दु:खी हैं। इसीलिए जनता ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व मिजोरम में भाजपा व कांग्रेस सरकारों को सबक सिखाया। इन नतीजों में बड़ा राजनीतिक संदेश है। उन्होंने कहा कि झूठे वादे और जुमलेबाजी से अब दाल गलने वाली नहीं है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की नई सरकारों पर अंगुली उठाई कि इन सरकारों ने कर्जमाफी की डेडलाइन 31 मार्च 18 क्यों ली, 17 दिसंबर 18 क्यों नहीं लिया और दो लाख की कर्जमाफी की बंदिश क्यों रखी? इससे किसानों का भला नहीं होने वाला। कार्यक्रम में मायावती ने पार्टी की गतिविधियों पर हिंदी व अंग्रेजी में लिखी अपनी किताब ‘ब्लू बुक’ का विमोचन भी किया। ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ किताब का यह 14वां वर्ष है। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में है।
गठबंधन को जिताकर दें जन्मदिन का तोहफा
बसपा सुप्रीमो ने सपा-बसपा समर्थकों से अपील की कि वे पुराने गिले-शिकवेव निजी स्वार्थ भुलाकर और विरोधी पार्टियों के झांसे में न आकर गठबंधन को जिताएं। अन्य राज्यों में बसपा व सहयोगी दलों के समर्थकों से भी उन्होंने ऐसी ही अपील की। कहा कि वास्तव में यही मेरे जन्मदिन का तोहफा होगा। इस बार केंद्र की जनविरोधी सरकार के जाने की पूरी उम्मीद है। इसलिए गठबंधन को जिताकर कार्यकर्ता अपनी सरकार बनाएं।
किसानों की कर्जमाफी के लिए बने दीर्घकालिक नीति
मायावती ने किसानों की कर्जमाफी के लिए दीर्घकालिक नीति की जरूरत बताई। कहा कि किसानों की एक बार संपूर्ण कर्जमाफी और दोबारा कर्ज लेने की नौबत न आए इसके लिए सभी फसलों का उचित मूल्य की व्यवस्था होनी चाहिए। 70 फीसदी भूमिहीन किसान सरकारी व सहकारी कर्ज की जगह साहूकारों से कर्ज लेते हैं। इसकेलिए अब तक कोई नीति नहीं है। नोटबंदी व जीएसटी से यही वर्ग सबसे ज्यादा परेशान हुआ है। इनकी कर्जमाफी के लिए भी नीति बनानी चाहिए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू की जाएं जिससे किसानों का भला हो।
बसपा धन्नासेठों की गुलामी नहीं करती
माया ने कहा कि कांग्रेस-भाजपा में जनता का हित सुरक्षित नहीं है। इनके शासन में असली लाभ मुट्ठी भर धन्नासेठों व पूंजीपतियों को मिलता है। बसपा धन्नासेठों की गुलामी नहीं करती। उन्होंने भाजपा व प्रदेश सरकार पर मुसलमानों के सामूहिक नमाज पढ़ने में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। कहा कि भाजपा व आरएसएस न सिर्फ धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, बल्कि ऐसे तत्वों को बढ़ावा दे रहे हैं जिन्होंने देवी-देवताओं को भी अपनी राजनीति का शिकार बनाकर जातियों में बांटने का प्रयास किया है।
केंद्र को सड़क से संसद तक देनी पड़ रही सफाई
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि वादाखिलाफी, अहंकारी रवैये व भ्रष्ट कार्यप्रणाली से केंद्र सरकार को अब सड़क से संसद तक सफाई देनी पड़ रही है। यह पतन की पराकाष्ठा है। भाजपा के न चाहने के बावजूद वादाखिलाफी चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। अच्छे दिन का सुनहरा सपना, विदेश से कालाधन लाकर 15-20 लाख देने का वादा विश्वासघाती साबित हुआ। ऐसे वादे क्यों किए जाते हैं जो किए ही नहीं जा सकते। अबलोकसभा चुनाव नजदीक है तो भाजपा सरकार ने हवा बनाने के लिए फिर नाटकबाजी शुरू कर दी है। पीएम रैलियों में तमाम लुभावनी घोषणाएं कर रहे हैं। सत्ता में आने पर फिर इन्हें ठंडे बस्ते में डलवा देंगे।
सामान्य वर्ग के आरक्षण में मुस्लिमों को लाभ मिलना मुश्किल
माया ने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर सामान्य वर्ग के गरीबों को सरकारी नौकरियों व शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण का वे स्वागत करती हैं। लेकिन इसमें मुस्लिमों को तब तक विशेष लाभ मिलने वाला नहीं, जब तक इन लोगों के प्रति भाजपा की संकीर्ण भावना बरकरार रहेगी। आजादी के समय मुस्लिमों की सरकारी सेवा में हिस्सेदारी 33 फीसदी थी जो अब घटकर दो या तीन फीसदी रह गई।
रक्षा खरीद की बने पारदर्शी नीति
अखिलेश को सीबीआई जांच में घसीटने की निंदा
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राजनीतिक स्वार्थ में विरोधियों के खिलाफ सीबीआई व अन्य संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयेाग कर रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ ताजा मामला इसका उदाहरण है। उन्होंने इसे भाजपा का षड्यंत्र बताकर निंदा की।
प्रदेश सरकार का काम निराला
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का अब तक का काम काफी निराला व अति विवादित रहा है। सरकारी धन, शक्ति व ऊर्जा का इस्तेमाल वहां हो रहा है जहां जनहित सीमित, लेकिन भ्रष्टाचार की संभावना ज्यादा है।