भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर मायावती का हमला, बोलीं- प्रदर्शन फ्लॉप
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बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन को पूरी तरह फ्लाप बताया है। कहा कि प्रदर्शन में सिर्फ 500 महिलाओं की भीड़ जुटी।
उन्होंने दयाशंकर सिंह की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि हाईकोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इन्कार से यह साफ हो गया है कि दयाशंकर दोषी हैं।
आरोप लगाया कि सपा-भाजपा की मिलीभगत के कारण गिरफ्तारी नहीं हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में एफआईआर में दर्ज अन्य नामों को छोड़कर सिर्फ नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी की मांग क्यों की जा रही है।
कहा भाजपा को दयाशंकर के परिवार की महिलाओं के अपमान की चिंता है, लेकिन दयाशंकर की पत्नी के भाई की पत्नी के उत्पीड़न व अपमान की चिंता नहीं है। बसपा सुप्रीमो ने पुलिस पर भी निशाना साधा।
कहा कि प्रदेश की पुलिस दयाशंकर की गिरफ्तारी के लिए छापामारी का दिखावा कर रही है। मीडिया वाले दयाशंकर की इंटरव्यू छाप रहे हैं। चैनल वाले भाजपा शासित झारखंड राज्य में उन्हें घूमते हुए दिखा रहे हैं। फिर भी पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही है।
बसपा नेताओं के बयान पर फिर दी सफाई
बसपा सुप्रीमो ने दयाशंकर के परिवार की महिलाओं पर टिप्पणियों के लिए फिर सफाई दी। कहा कि भाजपा पूरे मामले का राजनीतिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि बीएसपी के धरना-प्रदर्शन के दौरान दयाशंकर की मां, पत्नी व बेटी को पेश करने का मतलब सार्वजनिक तौर पर उनसे केवल यह पूछना था कि दयाशंकर ने बीएसपी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जो अशोभनीय टिप्पणी की है, क्या वह उनका समर्थन करती हैं। अगर नहीं करती हैं तो जनता को बताएं कि दयाशंकर ने घोर अपराध किया है।
मायावती ने कहा कि अच्छा होता कि दयाशंकर के परिवार वालों के समर्थन का दिखावा करने के बजाय भाजपा महिला मोर्चा सिंह के खिलाफ खुद मुकदमा दर्ज कराती और उनकी गिरफ्तारी के लिए सपा सरकार पर दबाव बनाती।
महिला मोर्चा उस दुखी व पीड़ित महिला के समर्थन में भी सड़क पर उतरता जो रिश्ते में दयाशंकर के साले की पत्नी है। जिसने स्वाति सिंह के खिलाफ उत्पीड़ का नामजद केस दर्ज करा रखा है।
सिद्दीकी की गिरफ्तारी की मांग, सांप्रदायीकरण की कोशिश
एफआईआर में सिद्दीकी की अलावा अन्य लोगों के भी नाम दर्ज हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सिर्फ सिद्दीकी की गिरफ्तारी की ही मांग क्यों हो रही है।
उधर, बसपा की प्रदेश इकाई का कहना है कि इस मामले में भाजपा की चारों तरफ आलोचना हो रही है। गोरक्षा की आड़ में दलित व मुस्लिम उत्पीड़न करने के मामले में भाजपा की फजीहत हो रही है। इन्हीं मुद्दों से ध्यान बंटाने के लिए भाजपा तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है।