हिंसा को लेकर मायावती का योगी सरकार पर हमला, 'पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक और निंदनीय है'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मायावती ने पुलिस ने बिना जांच प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की। पुलिस की कार्रवाई शर्मनाक और निंदनीय है। यूपी सरकार तुरंत निर्दोषों को रिहा करे। पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
रविवार सुबह मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि- यूपी में सीएए और एनआरसी के विरोध में किए गए प्रदर्शनों में बिना जांच-पड़ताल के ही विशेषकर बिजनौर, सम्भल, मुजफ्फरनगर, मेरठ, फिरोज़ाबाद व अन्य और जिलों में भी जिन निर्दोषों को जेल भेज दिया है, जिसे मीडिया ने भी उजागर किया है, यह अति-शर्मनाक व निंदनीय है।
1. यू.पी. में CAA/NRC के विरोध में किये गये प्रदर्शनों में बिना जाँच-पड़ताल के ही विशेषकर बिजनौर, सम्भल, मुजफ्फरनगर, मेरठ, फिरोज़ाबाद व अन्य और ज़िलों में भी जिन निर्दोषों को जेल भेज दिया है, जिसे मीडिया ने भी उजागर किया है, यह अति-शर्मनाक व निन्दनीय है।
— Mayawati (@Mayawati) January 5, 2020
यूपी सरकार इनको तुरंत छोड़े व इसके लिए सरकार को अपनी गलती की माफी भी मांगनी चाहिए। साथ ही, इसमें जिन निर्दोषों की मृत्यु हो गई है, राज्य सरकार को उन परिवारों की न्यायोचित आर्थिक मदद भी जरूर करनी चाहिए। बीएसपी की यह मांग है।
2. यूपी सरकार इनको तुरन्त छोड़े व इसके लिए सरकार को अपनी गलती की माफी भी मांगनी चाहिये। साथ ही, इसमें जिन निर्दोषों की मृत्यु हो गई है, राज्य सरकार को उन परिवारों की न्यायोचित आर्थिक मदद भी जरूर करनी चाहिये। बी.एस.पी. की यह माँग है।
— Mayawati (@Mayawati) January 5, 2020
3. लेकिन ऐसे में अब इस पूरे राज्य-स्तरीय प्रकरण की न्यायिक जाँच होना बहुत जरूरी है। इसकी माँग हेतु माननीया गर्वनर को एक लिखित ज्ञापन भी बी.एस.पी. प्रतिनिधिमण्डल द्वारा कल दिनांक 6 जनवरी को प्रातः 11 बजे राजभवन में दिया जायेगा।
— Mayawati (@Mayawati) January 5, 2020