मोदी के नाम का बुखार उतर चुका है: मौलाना बुखारी
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जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा कि इस देश में नफरत की राजनीति बहुत दिनों तक नहीं चल सकती। वह चाहे मुलायम सिंह यादव हों या प्रधानमंत्री मोदी।
मोदी को शायद यह भ्रम था कि उन्हें मुसमलानों का विरोधी होने के कारण हिंदुओं ने वोट दिया है।
पर, दिल्ली के नतीजों ने उनकी यह गलतफहमी दूर कर दी होगी कि हिंदुओं ने मुसलमानों को गाली देने की आदत पर रीझकर नहीं बल्कि देश के विकास के लिए मोदी को वोट दिया था।
वहीं, उन्होंने यूपी के संसदीय कार्यमंत्री आजम खां पर निशाना साधते हुए उन पर कई आरोप जड़े। हालांकि, उन्होंने आजम का नाम नहीं लिया।
कहा, यह शख्स (आजम) है तो मुसलमान लेकिन मुसलमानों का पक्का दुश्मन है। उन्होंने कहा कि रामपुर में इमरजेंसी जैसे हालात बना रखे हैं। कोई हिंदू अगर अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री होता तो मुसलमानों का ज्यादा भला कर देता।
आम आदमी पार्टी के आशुतोष आरएसएस के आदमी
एक सवाल पर मौलाना बुखारी ने आम आदमी पार्टी के आशुतोष को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आदमी बताया।
कहा, संघ ने अपना मकसद पूरा करने के लिए इसे ‘आप’ में भेजा है। बुखारी बुधवार को वीवीआईपी अतिथि गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, मुलायम की बीमारी को देखते हुए उन्होंने फिलहाल इनके (आजम) बारे में कोई पत्र नहीं लिखा है लेकिन भविष्य में लिखूंगा जरूर। यह भी बता दूंगा कि ये मंत्री बने रहे तो सपा की मुश्किलें बढ़ेंगी।
बुखारी ने आजम को बहुत बदअखलाक (बुरा व्यवहार करने वाला) शख्स बताया। कहा, उन्हें तो कभी-कभी यह आशंका भी होती है कि आजम को मुसलमानों से संबंधित महकमा देना कहीं मुस्लिम समाज को भ्रमित करने की साजिश तो नहीं है।
मुलायम सिंह यादव आजम की आड़ में मुसलमानों को भ्रम में तो नहीं फंसाए रखना चाहते? आजम को मंत्री बनाकर वह मुसलमानों को संदेश दे रहे हों कि सपा सरकार मुस्लिमों के लिए चिंतित है लेकिन काम न कराना चाहते हों।
...तो 2017 के चुनाव में सपा का बुरा हश्र होगा
मौलाना बोले, सपा मुखिया आजम के मुस्लिम विरोधी कामों पर चुप्पी साधे बैठे रहे तो 2017 में होने वाले चुनाव में सपा का हश्र बहुत बुरा होगा। अपनी भूमिका के बारे में पूछे गए सवाल पर बुखारी ने चुप्पी साध ली।
सिर्फ यह कहा कि वह चुनाव के वक्त हालात को देखते हुए फैसला करेंगे। पर, उन्होंने माना कि यूपी में चुनाव सपा व भाजपा के बीच ही होगा। जब उनसे पूछा गया कि ‘आप’ ने भी पूरे देश में किस्मत आजमाने की बात कही है तो बुखारी ने कहा, उत्तर प्रदेश दिल्ली नहीं है।
इस सवाल पर कि आपने दिल्ली चुनाव में ‘आप’ को वोट देने की अपील क्यों की? बुखारी ने जवाब दिया कि मुसलमानों के पास विकल्प भी तो नहीं था।
हमें तो मौजूदा दलों में ही चुनाव करना है, यह जानते हुए भी कि इनमें कोई मुसलमानों का सच्चा हमदर्द नहीं है। मुसलमानों के सामने एक ही विकल्प है कि जो कम विरोधी हो उसे वोट दे दो।
दो साल बाद आजम को कोई नहीं पूछेगा
शाही इमाम ने कहा कि सिर्फ दो साल का खेल और बचा है। मंत्री पद से हटने दीजिए फिर देखिएगा इनका (आजम) क्या हाल होता है, कोई इन्हें पूछेगा नहीं।
रामपुर में इमरजेंसी जैसे हालात बनाने का खामियाजा इन्हें भुगतना ही होगा। हर आदमी के कुछ दुश्मन तो कुछ दोस्त भी होते हैं लेकिन इनके दुश्मन ही दुश्मन नजर आते हैं। सौ लोगों में एक भी इनका हमदर्द नहीं मिलेगा।