यूपी में 'मास्टर ट्रेनरों' की मदद से सुधरेगी सरकारी स्कूलों की शिक्षा
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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पठन-पाठन को बेहतर बनाने के लिए हर जिले में मास्टर ट्रेनर तैयार करने का फैसला किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ मंडल को चुना गया है।
इसके लिए मंडल के छह जिलों से 308 शिक्षकों का चयन कर उन्हें शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। अगले चरण में पूरे प्रदेश में यह योजना लागू की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कक्षा-9 से विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर ठीक रखने की योजना बनाई है। योजना के तहत कक्षा-9 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान और गणित का टेस्ट होगा।
टेस्ट के माध्यम से यह पता किया जाएगा कि इन विषयों में विद्यार्थी कहां खड़ा है। उस स्तर पर जाकर शिक्षकों को उन्हें पढ़ाने के लिए कहा जाएगा, ताकि धीरे-धीरे विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को आत्मसात करने लायक बन सकें।
इन जिलों के शिक्षकों को चुना जाएगा
इस योजना के तहत लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के 77 स्कूलों के 308 शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई।
इनमें से अंग्रेजी और गणित विषयों के 154 शिक्षकों को हाल ही में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि हिंदी और विज्ञान के शिक्षकों को 26-29 सितंबर के बीच प्रशिक्षित किया जाएगा।
अपर परियोजना निदेशक सुत्ता सिंह ने बताया कि ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को बेहतर ढंग से पढ़ाने के टिप्स देंगे। योजना सफल रहने पर जिलों में भी शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा।