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लविविः सीतापुर में पकड़ी सामूहिक नकल, केंद्र में सीसीटीवी कैमरे मिले बंद, डीवीआर भी नहीं था
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सीतापुर के परीक्षा केंद्र में पकड़ी गई सामूहिक नकल। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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लखनऊ विश्वविद्यालय की स्नातक पहले सेमेस्टर की परीक्षाओं में लगातार दूसरे दिन सामूहिक नकल पकड़ी गई। बृहस्पतिवार को सीतापुर के एक केंद्र पर सामूहिक नकल पकड़ी गई।
यहां सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे और डीवीआर भी नहीं मिला। यही नहीं, विवि की टीम जब यहां गड़बड़ी की सूचना पर पहुंची तो परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के पेन थम गए और वह स्टैचू बन गए। वहीं, रायबरेली में एक केंद्र पर एक विद्यार्थी नकल करते भी पकड़ा गया।
जानकारी के अनुसार, विवि प्रशासन को बृहस्पतिवार को सीतापुर के लालजी सिंह जीवन ज्योति महाविद्यालय में गड़बड़ी की सूचना मिली। प्रशासन के निर्देश पर जब उड़ाका दल वहां पहुंचा तो वहां काफी कमियां मिलीं।
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प्रशासन के अनुसार जब दल के सदस्य वहां दाखिल हुए तो सभी विद्यार्थियों ने लिखना बंद कर दिया और इधर-उधर देख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि इनको बोलकर पेपर हल कराया जा रहा था।
मामला संदिग्ध होने पर जब सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई तो वह बंद मिला।
इतना ही जब डीवीआर मांगा गया तो वह भी नहीं दे सके। कुछ और गतिविधियां भी यहां की संदिग्ध मिलीं। जिससे मामला और गंभीर लगा।
इस क्रम में विश्वविद्यालय की ओर से वहां केंद्राध्यक्ष को बदलकर पूर्णकालिक पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर दी गई। वहीं, उड़ाका दल ने रायबरेली में भी एक विद्यार्थी को नकल करते पकड़ा।
बता दें कि बुधवार को भी रायबरेली के एक केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला सामने आया था। यहां भी बोलकर पेपर हल कराया जा रहा था। यहां भी पर्यवेक्षक बदला गया है।
नकल की सूचना को व्हाट्सअप नंबर जारी
लगातार दूसरे दिन सामूहिक नकल का मामला सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को एक व्हाट्सअप नंबर 7905871968 जारी किया। विवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस पर विभिन्न केंद्रों में हो रही परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना दी जा सकती है। यह नंबर सिर्फ व्हाट्सअप सूचना के लिए ही होगा।
विवि के लिए आसान नहीं होगा नियंत्रण
लखनऊ। लखनऊ विवि की आय बढ़ाने के लिए भले ही रायबरेली, सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर खीरी के 350 से अधिक कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिए गए हो, लेकिन विवि प्रशासन के लिए इन कॉलेजों पर नियंत्रण आसान नहीं दिख रहा है। विवि प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं नहीं विकसित की जा सकी हैं और जब तक लखनऊ से टीम जिलों में पहुंचती है, तब तक आधी से अधिक परीक्षा समाप्त हो जाती है।
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यहां सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे और डीवीआर भी नहीं मिला। यही नहीं, विवि की टीम जब यहां गड़बड़ी की सूचना पर पहुंची तो परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के पेन थम गए और वह स्टैचू बन गए। वहीं, रायबरेली में एक केंद्र पर एक विद्यार्थी नकल करते भी पकड़ा गया।
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जानकारी के अनुसार, विवि प्रशासन को बृहस्पतिवार को सीतापुर के लालजी सिंह जीवन ज्योति महाविद्यालय में गड़बड़ी की सूचना मिली। प्रशासन के निर्देश पर जब उड़ाका दल वहां पहुंचा तो वहां काफी कमियां मिलीं।
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प्रशासन के अनुसार जब दल के सदस्य वहां दाखिल हुए तो सभी विद्यार्थियों ने लिखना बंद कर दिया और इधर-उधर देख रहे थे। ऐसा लग रहा था कि इनको बोलकर पेपर हल कराया जा रहा था।
मामला संदिग्ध होने पर जब सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई तो वह बंद मिला।
इतना ही जब डीवीआर मांगा गया तो वह भी नहीं दे सके। कुछ और गतिविधियां भी यहां की संदिग्ध मिलीं। जिससे मामला और गंभीर लगा।
इस क्रम में विश्वविद्यालय की ओर से वहां केंद्राध्यक्ष को बदलकर पूर्णकालिक पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर दी गई। वहीं, उड़ाका दल ने रायबरेली में भी एक विद्यार्थी को नकल करते पकड़ा।
बता दें कि बुधवार को भी रायबरेली के एक केंद्र पर सामूहिक नकल का मामला सामने आया था। यहां भी बोलकर पेपर हल कराया जा रहा था। यहां भी पर्यवेक्षक बदला गया है।
नकल की सूचना को व्हाट्सअप नंबर जारी
लगातार दूसरे दिन सामूहिक नकल का मामला सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को एक व्हाट्सअप नंबर 7905871968 जारी किया। विवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस पर विभिन्न केंद्रों में हो रही परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना दी जा सकती है। यह नंबर सिर्फ व्हाट्सअप सूचना के लिए ही होगा।
विवि के लिए आसान नहीं होगा नियंत्रण
लखनऊ। लखनऊ विवि की आय बढ़ाने के लिए भले ही रायबरेली, सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर खीरी के 350 से अधिक कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिए गए हो, लेकिन विवि प्रशासन के लिए इन कॉलेजों पर नियंत्रण आसान नहीं दिख रहा है। विवि प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं नहीं विकसित की जा सकी हैं और जब तक लखनऊ से टीम जिलों में पहुंचती है, तब तक आधी से अधिक परीक्षा समाप्त हो जाती है।