UP: सही उम्र में शादी... और बच्चा कम करता स्तन कैंसर का खतरा, स्तनपान न कराने से रुंध जाती हैं महिलाओं की नसें
केजीएमयू के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग में स्तन कैंसर पर हुए जागरुकता कार्यक्रम में प्रो. विजय कुमार ने कहा कि सही उम्र में शादी और बच्चा स्तन कैंसर का खतरा कम करता है। स्तनपान न कराने से महिलाओं की नसें रुंध जाती हैं।
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राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शनिवार को जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. विजय कुमार ने कहा कि सही उम्र में शादी और बच्चा होने से स्तन कैंसर का जोखिम कम रहता है।
विभागाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार ने बताया कि स्तनपान न कराने से महिलाओं की नसें रुंध जाती हैं। इससे गांठ बनने और कैंसर होने का खतरा रहता है। इसलिए सही समय पर शादी और बच्चा होना दोनों जरूरी है। विभाग के डॉ. नसीम अख्तर के मुताबिक, 30 साल तक की उम्र तक विवाह और 35 की उम्र तक बच्चे का जन्म हो जाना चाहिए। शिशु को छह माह तक स्तनपान जरूर कराना चाहिए। इस मौके पर डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. शिव राजन और डॉ. मृणालिनी मौजूद रहे।
आनुवांशिक भी हो सकता है स्तन कैंसर
डॉ. नसीम अख्तर के मुताबिक, यह भी देखा गया कि स्तन कैंसर आनुवांशिक वजह से भी होता है। करीब पांच से 10 फीसदी मामले इस तरह के होते हैं। विशेषकर उन महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए, जिनके परिवार में किसी को 40 वर्ष से कम उम्र में कैंसर हुआ हो। ऐसी महिलाओं को साल में एक बार अपनी जांच जरूरी करानी चाहिए।
80 प्रतिशत गांठ सामान्य
डॉ. समीर गुप्ता ने कहा कि स्तन में पनपी 80 प्रतिशत गांठें सामान्य होती हैं, लेकिन इनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। शर्म और झिझक छोड़कर जांच करानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में बीमारी का पता चलने पर आसानी से इलाज संभव है। धूम्रपान, खराब दिनचर्या और मोटापा भी कैंसर का कारण बनता है। डॉ. पुनीत प्रकाश ने बताया कि असाध्य, आयुष्मान, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से मरीजों को कैंसर का निशुल्क इलाज मिल सकता है।