फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   many under age married in group wedding in shravasti

सारे प्रयास फेल : सामूहिक विवाह में की गई कई नाबालिगों की शादी, अधिकारी भी थे मौजूद

Sun, 04 Aug 2019 12:51 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Sun, 04 Aug 2019 12:51 AM IST
विज्ञापन
many under age married in group wedding in shravasti
शादी में बैठे नाबालिग - फोटो : amar ujala
सिरसिया ब्लॉक में प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह में शनिवार को कुछ नाबालिग जोड़े भी शादी के बंधन में बंध गए। लोगों ने इसकी जानकारी वहां मौजूद अधिकारियों को दी, लेकिन उन्होंने बाल विवाह को रोकने की जहमत नहीं उठाई। यह तब हो रहा है, जब श्रावस्ती देश में नाबालिगों के विवाह के मामले में पहले स्थान पर है। 
विज्ञापन


बाल विवाह के मामले में श्रावस्ती पूरे देश में पहले स्थान पर है। यहां तक कि कुछ देशों के आंकड़ों में भी श्रावस्ती पहले पायदान पर ही खड़ा है। इसे लेकर यूनिसेफ पूरे जिले में बाल विवाह रोकने के लिए अभियान चला रहा है। नीति आयोग भी इस सामाजिक बुराई को लेकर चिंतित है। इसे रोकने के लिए कई गैर सरकारी संगठनों को नीति आयोग ने यहां प्रशासन की मदद करने के लिए तैनात किया है, लेकिन प्रशासन ही सारे नियमों को दरकिनार करके खुद ही बाल विवाह करा रहा है। 
विज्ञापन


यही नहीं बाल विवाह करने वालों को दंडित करने के बजाए उन्हें सरकारी अनुदान भी दे रहा है। ऐसा ही कुछ शनिवार को सिरसिया में प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह में देखने को मिला। यहां चैलाही निवासी राम पारस अपने पुत्र जय जय राम का विवाह विकास खंड निवासी विश्राम की पुत्री शांती देवी से कराने के लिए आए थे। विवाह मंडप पर जब सात फेरे लिए जा रहे थे, तो स्थानीय लोगों की निगाह इस जोड़े पर पड़ी। यह जोड़ा देखने से ही नाबालिग लग रहा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों के मुताबिक लड़की की उम्र ज्यादा से ज्यादा 13 वर्ष व लड़के की उम्र 16 वर्ष रही होगी। ऐसे ही कई और भी जोड़े वहां दिखाई दिए, जिनकी उम्र तय आयु से बहुत ही कम दिखाई दे रही थी। इस बाल विवाह की जानकारी स्थानीय लोगों ने तत्काल वहां मौजूद अधिकारियों को दी, लेकिन अधिकारी बाल विवाह को रोकने के बजाय इसको जल्द से जल्द निपटाने में लग गए। इसके साथ ही उन्हें सामूहिक विवाह में मिलने वाला समस्त सरकारी लाभ भी दे दिया। 

बाल विवाह कराने पर दो साल की सजा का प्राविधान 

बाल विवाह कराने पर दो वर्ष की साज के साथ एक लाख रुपये जुर्माने का प्राविधान है। यह सजा वैवाहिक आयोजन कराने वाले, प्रिंटिंग प्रेस, टेंट व्यवसायी, बेंड बाजा, कैटर्स, फोटोग्राफर, पुरोहित व मौलवी के साथ ही इससे जुड़ी संस्थाओं के विरुद्घ होगी।

सामूहिक विवाह में नाबालिग जोड़ों के विवाह की जानकारी नहीं है। विवाह के दौरान खींचे गए फोटो व वीडियो को मंगवा कर देखूंगा। यदि ऐसा है तो आयोजकों के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। 
- अवनीश राय, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed