दिल्ली-मुंबई की लग्जरी ट्रेनों में खाली रह गईं तत्काल की सीटें, यात्री ‘वेटिंग’ में
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दिल्ली-मुंबई की लग्जरी ट्रेनों के तत्काल कोटे की एसी व स्लीपर बोगियों में शनिवार को काफी सीटें खाली रह गईं। इसके पीछे मोबाइल एप के सर्वर का ठीक से काम न करना कारण बताया जा रहा है।
दिल्ली व मुंबई की ट्रेनों में रविवार को सफर करने के लिए यात्रियों ने जब मोबाइल से तत्काल की बुकिंग करानी शुरू की तो खासी संख्या में सीटें खाली नजर आईं। हालांकि, सर्वर के सही से काम न करने से काफी सीटें खाली रह गईं। लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस के सेकेंड एसी में दस में से सात सीटें ही भर पाईं। स्लीपर कोच की 142 सीटें पूरी नहीं फुल हो पाईं।
वहीं, मुंबई जाने वाली अवध एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी में तत्काल की पांच सीटें खाली रह गईं। स्लीपर में 161 सीटें पूरी नही भर पाईं। ऐसे ही कुशीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर में 156 व थर्ड एसी में 33 सीटों पर बुकिंग होनी थी। लखनऊ जंक्शन एलटीटी एक्सप्रेस के तत्काल कोटे के सेकेंड एसी में सात, थर्ड एसी में 30 व स्लीपर में 143 सीटें खाली थीं, लेकिन बुकिंग में पूरी सीटें फुल नहीं हुईं।
वहीं, प्रीमियम तत्काल को तो यात्री ही नहीं मिले। हालांकि, इसकी वजह महंगा टिकट रहा। गौरतलब है कि तत्काल कोटे की सीटों की बुकिंग एक दिन पहले होती है। एसी सीटों के लिए सुबह 10 बजे और स्लीपर के लिए 11 बजे से बुकिंग शुरू होती है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तत्काल की सीटें अमूमन सेकेंडों में फुल हो जाती हैं। शनिवार को सर्वर में समस्या आने से ऐसा नहीं हो पाया। दरअसल, आईआरसीटीसी का एप्लीकेशन दो-तीन दिनों से ठीक से काम नहीं कर रहा है, जिससे बुकिंग नहीं हो पा रही है।
दिल्ली की ट्रेनों में भी फुल नहीं हुईं सीटें
नई दिल्ली जाने वाली एसी सुपरफास्ट के सेकेंड एसी में 96 सीटें थीं, जिसमें 40 खाली रह गईं। थर्ड एसी की 241 सीटें पूरी नहीं भर पाईं। ऐसे ही लखनऊ मेल की थर्ड एसी में 88 सीटें नहीं भर पाईं और सेकेंड एसी में 51 में से 15 सीटें खाली रह गईं।
स्लीपर बोगी की 96 सीटों के लिए भी आवेदन नहीं मिले। वहीं, शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव क्लास की 12 सीटों में तीन सीटों पर ही बुकिंग हुई। वहीं, एसी चेयरकार की 125 सीटों में से 60 खाली रह गईं।
इधर, कई यात्री नहीं कर पाए सफर
एक ओर तत्काल की सीटें फुल नहीं हो सकीं, वहीं जिन यात्रियों के पास वेटिंग के टिकट थे, उन्हें यात्रा का मौका नहीं मिल सका। पूजा सिंह ने बताया कि दिल्ली की ट्रेन में उनका वेटिंग में टिकट था, जो कंफर्म नहीं हो सका। ऐसे ही अंशु पाठक का मुंबई का टिकट कंफर्म नहीं हो पाया। कहा, तत्काल की खाली सीटें ही अलॉट कर देते तो सफर हो जाता।