ज्योति मर्डर केसः मनीषा मखीजा आज होगी जेल से रिहा
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शहर के बहुचर्चित ज्योति मर्डर केस में अभियुक्त मनीषा मखीजा को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय से फर्जी सिम मामले में भी जमानत मिल गई। मनीषा को पचास-पचास हजार रुपये के दो बेल बांडों पर जमानत दी गई है।
जेल में बंद मनीषा मंगलवार को रिहा हो सकती है। उसे हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसी मामले में एक आरोपी गजेंद्र को भी पहले जमानत मिल चुकी है।
मनीषा मखीजा की जमानत अर्जी 11 जून 2015 को जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की अदालत में लगाई गई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई हुई। बहस के दौरान मनीषा के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने कहा कि इसी मामले के एक आरोपी गजेंद्र को जमानत मिल चुकी है,लिहाजा मनीषा को भी जमानत मिलनी चाहिए।
ज्योति के पिता अदालत को देंगे चुनौती
इसका अभियोजन के अधिवक्ता ने विरोध किया और कहा कि फर्जी कागजात तैयार कर सिम लिया गया,फिर उसका इस्तेमाल अपराध में किया गया,इसलिए मनीषा को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मनीषा को जमानत देने का फैसला सुनाया। अदालत का फैसला देर शाम आया,इसलिए जिला जेल नहीं पहुंच सका। मनीषा को जमानत मिलने का आदेश मंगलवार को जिला जेल पहुंच सकता है,इसलिए मनीषा मंगलवार को रिहा की जा सकती है।
मनीषा लगभग 11 महीने से जेल में है। दूसरी तरफ ज्योति के पिता शंकर नागदेव ने मनीषा मखीजा को जमानत देने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।
यह था मामला
27 जुलाई 2014 को पांडुनगर निवासी पीयूष श्यामदासानी की पत्नी ज्योति (27) को अगवा कर हत्या कर दी गई। वह पति के साथ सीएसए चौराहा स्थित रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर रात साढ़े 11 बजे कार से पति के साथ घर जाने को निकली थी।
करीब सवा बजे उसका शव पनकी थाने की पीछे गली में कार के अंदर मिला। पीयूष ने दावा किया था कि चार बाइकों पर सवार आठ युवकों ने उसे कार से बाहर फेंककर पत्नी को अगवा कर लिया था। बाद में पुलिस ने ज्योति के पति समेत छह लोगों को अभियुक्त बनाया था। पीयूष के माता-पिता और दो भाइयों को भी पुलिस को अपराध की सूचना न देने का आरोपी बनाया गया था।
ज्योति हत्याकांड पर एक नजर
27 जुलाई 2014: ज्योति को पति पीयूष की कार से अगवा किया गया। देर रात पनकी क्षेत्र में कार में शव पाया गया। चाकू से गोदकर हत्या की गई थी।
28 जुलाई: पुलिस का पति पर शक गहराया।
29 जुलाई: पुलिस ने पीयूष श्यामदासानी और उसकी प्रेमिका मनीषा मखीजा को गिरफ्तार किया। ड्राइवर अवधेश को भी पकड़ा गया।
30 जुलाई: पीयूष ने कबूला जुर्म। 50 हजार रुपये की सुपारी देकर कराई थी हत्या।
31 जुलाई: पीयूष,मनीषा और अवधेश समेत सभी आरोपी जेल गए।
20 अक्तूबर: कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई।