बरछी और कुल्हाड़ी से बेरहमी से की सगे भाई की हत्या
बांदा के बदौसा क्षेत्र में खेत में सो रहे किसान को उसके ही भाई-भतीजों ने कुल्हाड़ी और बरछी से हमलाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के भाई ने अपने बड़े भाई और उसके पुत्र के विरुद्ध विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
फतेहगंज थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव निवासी रमेश पटेल (45) पुत्र रामऔतार गुरुवार की रात गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर अपने खेत में मूंगफली की फसल की रखवाली के लिए सो रहा था।
कुछ दूरी पर दूसरे खेत में सो रहे किसान परमसुत और भोला ने आधी रात के बाद करीब एक बजे उसके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनी। दोनों ने भागकर गांव में रमेश के परिजनों को जानकारी दी।
परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो रमेश वहां नहीं था। वहां खून पड़ा मिला। भतीजे मुन्नू ने फोन पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों ने तड़के तलाश की तो घटनास्थल से कुछ दूर ज्वार के खेत में रमेश का शव पड़ा मिला।
उसके जिस्म में बरछी के घाव थे। कई जगह कुल्हाड़ी से भी कटा था। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल, क्षेत्राधिकारी किरन सिंह चौहान घटना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। मृतक के भाई सुरेश की तहरीर पर बड़े भाई रामलखन और उसके पुत्र उमाशंकर के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी आरपी पांडेय भी थाने पहुंचे और गिरफ्तारी का भरोसा दिया।
आठ साल पुरानी घटना से जुड़े तार
मृतक के बड़े भाई रामलखन की पत्नी विद्या का शव आठ साल पहले इसी खेत में स्थित कुएं में मिला था। पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर मामला रफा-दफा कर दिया था। रामलखन को आशंका थी कि विद्या की हत्या भाई रमेश पटेल ने कर शव कुएं में फेंक दिया था।
रमेश की हत्या की घटना आठ साल पहले हुई इसी वारदात से जुड़ी मानी जा रही है। घटनास्थल पर तीन लाठियां मिली हैं। मृतक की कुल्हाड़ी गायब थी।
शायद इसी कुल्हाड़ी से उसकी हत्या की गई। मृतक के भतीजे मुन्नू ने बताया कि जंगली सुअरों से फसल बचाने के लिए कुल्हाड़ी लेकर खेत पर लेटना मजबूरी है।