प्रचार के लिए साइकिल ट्रैक बनवाकर सपा ने की थी फिजूलखर्ची: भाजपा
पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार ने समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल के प्रचार-प्रसार के लिए साइकिल ट्रैक बनाकर फिजूलखर्ची की थी। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
वहीं, आम लोगों को भी ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बुधवार को कही।
उन्होंने कहा, योगी सरकार ने ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या से निदान के लिए साइकिल ट्रैक को तोड़ने का फैसला किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विदेशों में बने साइकिल ट्रैक की तर्ज पर यूपी में ऐसे ही ट्रैक बनाने का तर्क दिया था, लेकिन उन्हें प्रदेश की आबादी, उसका धनत्व और सड़कों की चौड़ाई का भी तुलनात्मक आकलन करना चाहिए था।
छवि चमकाने के लिए बनाए गए थे
यहां संकरी सड़कों के किनारे बने नाले व नालियों को पाटकर ट्रैक बनाए गए थे। इस पर साइकिल सवार चलते भी नहीं है।
त्रिपाठी ने कहा, दरअसल ये ट्रैक समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न के प्रचार-प्रसार व छवि को चमकाने के लिए बनाए गए थे।
इसी तरह मायावती सरकार ने भी जनता की गाढ़ी कमाई से पार्कों में पत्थरों का हाथी लगाकर बसपा के चुनाव चिह्न को चमकाने का काम किया था।
उन्होंने कहा, योगी सरकार जनधन की फि जूलखर्ची नहीं होने देगी।