महाकुंभ 2025: प्रयागराज से जुड़े 8 जिलों की सीमाओं पर अभेद्य सुरक्षा, रहेंगे 1026 पुलिसकर्मी और व्रज वाहन
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ को लेकर शासन व्यवस्था सख्त कर दी गई है। प्रयागराज को जोड़ने वाले 7 मार्गो तथा सीमावर्ती जिलों में अभेद्य सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया है।
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महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत प्रयागराज को जोड़ने वाले 7 मार्गो तथा सीमावर्ती जिलों में अभेद्य सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रयागराज के चारों तरफ अभेद्य सुरक्षा का एक चक्रव्यूह बनाए जाने के निर्देश के बाद इसके पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी 7 सड़क मार्गों तथा उन पर पड़ने वाले 8 जिलों में आने-जाने वाले वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग एवं फ्रिस्किंग किए जाने के लिए 102 मोर्चे बनाए गए हैं। जहां 1026 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 71 निरीक्षक, 234 उपनिरीक्षक, 645 आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी तथा 76 महिला आरक्षी शामिल हैं। इसके अलावा 113 होमगार्ड व पीआरडी के जवान तथा 3 सेक्शन पीएसी को भी तैनात किया गया है। साथ ही 5 वज्र वाहन, 10 ड्रोन एवं 4 एंटी सबोटाज टीम (एएस चेक टीम) द्वारा लगातार 24 घंटे इन मार्गों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश पुलिस दृढ़संकल्पित है।
2022 और 2023 बैच के 23 आईपीएस महाकुंभ मेला से संबद्ध
डीजीपी मुख्यालय ने वर्ष 2022 और 2023 बैच के 23 आईपीएस अधिकारियों को महाकुंभ मेला के लिए संबद्ध किया है। आदेश के मुताबिक वर्ष 2022 बैच के 11 आईपीएस अधिकारियों को 9 जनवरी से 18 जनवरी तक संबद्ध किया गया है, जबकि वर्ष 2023 बैच के 12 आईपीएस को 25 जनवरी से 4 फरवरी तक संबद्ध किया गया है। इन सभी को प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। इनका कार्य महाकुंभ की विभिन्न चुनौतियों जैसे यातायात प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंध और भीड़ नियंत्रण प्लान और मेला में आने वाले अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर अनुभव प्राप्त करना होगा। साथ ही इस दौरान कमिश्नरेट प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे।