लखनऊ में यहां चोरी-छिपे बिक रही थी मैगी
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मैगी नूडल्स में खतरनाक तत्व लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) मिलने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम द्वितीय ने स्पेंसर्स के स्टोर में इसकी बिक्री करने पर फटकार लगाई है।
फोरम का कहना है कि मैगी के नमूने जांच के लिए भेजे जाएं। जांच रिपोर्ट नहीं आने तक मैगी की बिक्री न की जाए।
फोरम का सोमवार को यह फैसला बंगला बाजार निवासी सात वर्षीय श्रेयान गुप्ता की शिकायत पर आया है। श्रेयान ने अपने दादा रामप्रकाश गुप्ता के जरिये पांच जून को जिला उपभोक्ता फोरम में स्पेंसर्स के खिलाफ शिकायत की थी।
श्रेयान को रिटेल कंपनी के राजाजीपुरम स्थित स्टोर में मैगी नूडल्स मिले। उसके दवाब में रामप्रकाश गुप्ता को पैकेट खरीदकर श्रेयान को देने पड़े।
रिपोर्ट न आने तक बिक्री पर लगी थी रोक
यह शिकायत नूडल्स में खतरनाक तत्व पाए जाने के बाद भी बिक्री को लेकर थी। इसमें निर्माता कंपनी नेस्ले इंडिया और यूपी सरकार में प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को भी पार्टी बनाया गया था।
फोरम के अध्यक्ष संजीव शिरोमणि ने मामले की सुनवाई के बाद आदेश दिया कि खतरे को देखते हुए मैगी की बिक्री स्टोर में नहीं होनी चाहिए। इसके खतरे की जांच के लिए मैगी नूडल्स के पैकेट जांच के लिए भेजे जाएं।
जब तक जांच रिपोर्ट न आ जाए, स्पेंसर्स भी इसकी बिक्री न करे। अमिताभ, माधुरी प्रीति जिंटा पर कमेंट नहीं श्रेयान ने शिकायत की थी कि मैगी की खरीद के लिए वह प्रेरित इसलिए हुआ क्योंकि यह फिल्मस्टार खुद इसे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होने का दावा टीवी पर करते थे।
इसके लिए अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के टीवी एड का जिक्र किया गया। फोरम ने शिकायत में इन तीनों को पार्टी नहीं बनाए जाने के चलते किसी कार्यवाही से मना कर दिया।