फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Madarsa Education will equipped with NCERT books

मदरसों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ेगी सरकार, अगले सत्र से NCERT की किताबें पढ़ेंगे छात्र

Mon, 30 Oct 2017 09:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 30 Oct 2017 09:23 PM IST
विज्ञापन
Madarsa Education will equipped with NCERT books

यूपी के 16 हजार से अधिक मदरसों में छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। उन्हें एनसीईआरटी की अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की किताबें पढ़ाई जाएंगी। नई व्यवस्था अगले शिक्षण सत्र से लागू होगी। इनमें विज्ञान और गणित की पुस्तकें उर्दू भाषा में होंगी। इस पर मदरसों ने सहमति भी दे दी है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के लिए सरकार मदरसों में शिक्षकों की नियुक्ति भी करेगी।

विज्ञापन


उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सोमवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मदरसों में मजहबी शिक्षा से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। उन्हें केवल मुख्य धारा से जोड़ने के लिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
विज्ञापन


उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का कहना है कि मुस्लिमों को वोट बैंक मानकर उन्हें आधुनिक शिक्षा से दूर रखा गया। केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार चाहती है कि मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में पवित्र कुरान और दूसरे में कम्प्यूटर हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

राजनीतिक हलकों और शिक्षा क्षेत्र में हलचल

Madarsa Education will equipped with NCERT books
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala

योगी सरकार के इस फैसले से राजनीतिक हलकों और शिक्षा क्षेत्र में हलचल पैदा हो गई थी। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू होंगे, लेकिन मजहबी शिक्षा से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मदरसों के विद्यार्थियों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

मुस्लिम युवाओं को आधुनिक शिक्षा से दूर रखा गया
डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी जाति, धर्म व संप्रदाय के भेदभाव के विकास के समान अवसर मिले। सभी को आधुनिक शिक्षा का लाभ प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मुस्लिम युवाओं को राजनीतिक इस्तेमाल तक सीमित रखा गया। वोट बैंक मानकर उन्हें आधुनिक शिक्षा से दूर रखा गया।

आधुनिक शिक्षा से जोड़कर नहीं कर रहे कोई पाप
उप मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि जिस मुस्लिम समुदाय ने अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रपति और अश्फाक उल्ला खां जैसे क्रांतिकारी दिए, उस समुदाय को शिक्षा से वंचित रखना महापाप था। तमाम मुस्लिम देशों के मदरसों में भी विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा दी जाती है। मुस्लिम युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़कर सरकार कोई पाप नहीं कर रही, बल्कि इन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। कहा, पवित्र कुरान हम सबके लिए मान्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed