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Lucknow News: लखनवियों को खूब भायी खादी, सात दिन में 2.54 करोड़ की बिक्री
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महोत्सव में खादी के कपड़े देखती युवती।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की तरफ से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चले सात दिवसीय खादी महोत्सव का शुक्रवार को समापन हो गया। इसमें खादी ने अपने रंग खूब बिखेरे। लखनऊ वालों को यह इतनी भायी कि इन सात दिनों में यहां के लोगों ने 2.54 करोड़ रुपये के खादी उत्पाद खरीद डाले।
महोत्सव में यूपी के विभिन्न जनपदों समेत अन्य राज्यों के उद्यमियों और खादी इकाइयों ने भाग लिया, जिसमें महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के उत्पादों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। महोत्सव में 133 स्टॉल लगाए गए, जिसमें 2.54 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई।
बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खादी इकाइयों को शील्ड देकर सम्मानित किया। सभी स्टॉलधारकों को भी प्रमाण पत्र दिए। उन्होंने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोकल फार वोकल को बढ़ावा देना व बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।
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बोर्ड के सहायक विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी ने बताया कि ऊनी वस्त्र, मधुबनी और गुजराती पैटर्न की साड़ियों, सौंदर्य उत्पादों और आचार की सबसे अधिक बिक्री हुई, जिसमें गुजराती, मधुबनी और राजस्थानी पैटर्न की साड़ियों ने ग्राहकों को खास आकर्षित किया।
खादी के प्रति रुझान
लखीमपुर खीरी से खादी उत्पादों का स्टॉल लगाए निखिल सिंह ने बताया कि साड़ी, कुर्ते और गमछे की अच्छी बिक्री हुई। कुछ लोग तो ऑनलाइन ऑर्डर भी देने लगे हैं। कानपुर से साड़ी व सूट का स्टाॅल लगाए शादाब ने बताया कि कुल बिक्री 5 लाख रुपये की हुई है। मधुबनी व गुजराती आर्ट प्रिंट की साड़ियों की अधिक मांग रही। नेचुरल ग्रामोद्योग स्टॉल की कृतिका के अनुसार, उनके सौंदर्य उत्पादों की रोज की बिक्री 35 से 40 हजार रुपये रही।
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इन्हें मिला पुरस्कार
पुरस्कार इकाई का नाम बिक्री धनराशि (रुपये में)
खादी इकाइयां
प्रथम भारतीय खादी ग्रामसेवा संस्थान, शिकोहाबाद 5,77,749
द्वितीय स्वराज्य आश्रम, कानपुर 3,85,000
तृतीय श्री गांधी आश्रम लखनऊ 3,81,500
ग्रामोद्योगी इकाइयां
प्रथम जूट आर्टिजन्स गिल्ड एसोसिएशन 38,50,400
द्वितीय कमर आलम, मीरपुर 4,09,580
तृतीय गुरु कृपा महिला ग्रामोद्योग संस्थान 3,34,500
माटीकला इकाइयां
प्रथम नदीम हैंडीक्राॅफ्ट खुर्जा 98,400
द्वितीय प्रेमचंद्र, हसनपुर टांडा 90,060
तृतीय शिवकुमार, बाराबंकी 64,800
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महोत्सव में यूपी के विभिन्न जनपदों समेत अन्य राज्यों के उद्यमियों और खादी इकाइयों ने भाग लिया, जिसमें महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के उत्पादों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। महोत्सव में 133 स्टॉल लगाए गए, जिसमें 2.54 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई।
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बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खादी इकाइयों को शील्ड देकर सम्मानित किया। सभी स्टॉलधारकों को भी प्रमाण पत्र दिए। उन्होंने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोकल फार वोकल को बढ़ावा देना व बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।
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बोर्ड के सहायक विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी ने बताया कि ऊनी वस्त्र, मधुबनी और गुजराती पैटर्न की साड़ियों, सौंदर्य उत्पादों और आचार की सबसे अधिक बिक्री हुई, जिसमें गुजराती, मधुबनी और राजस्थानी पैटर्न की साड़ियों ने ग्राहकों को खास आकर्षित किया।
खादी के प्रति रुझान
लखीमपुर खीरी से खादी उत्पादों का स्टॉल लगाए निखिल सिंह ने बताया कि साड़ी, कुर्ते और गमछे की अच्छी बिक्री हुई। कुछ लोग तो ऑनलाइन ऑर्डर भी देने लगे हैं। कानपुर से साड़ी व सूट का स्टाॅल लगाए शादाब ने बताया कि कुल बिक्री 5 लाख रुपये की हुई है। मधुबनी व गुजराती आर्ट प्रिंट की साड़ियों की अधिक मांग रही। नेचुरल ग्रामोद्योग स्टॉल की कृतिका के अनुसार, उनके सौंदर्य उत्पादों की रोज की बिक्री 35 से 40 हजार रुपये रही।
इन्हें मिला पुरस्कार
पुरस्कार इकाई का नाम बिक्री धनराशि (रुपये में)
खादी इकाइयां
प्रथम भारतीय खादी ग्रामसेवा संस्थान, शिकोहाबाद 5,77,749
द्वितीय स्वराज्य आश्रम, कानपुर 3,85,000
तृतीय श्री गांधी आश्रम लखनऊ 3,81,500
ग्रामोद्योगी इकाइयां
प्रथम जूट आर्टिजन्स गिल्ड एसोसिएशन 38,50,400
द्वितीय कमर आलम, मीरपुर 4,09,580
तृतीय गुरु कृपा महिला ग्रामोद्योग संस्थान 3,34,500
माटीकला इकाइयां
प्रथम नदीम हैंडीक्राॅफ्ट खुर्जा 98,400
द्वितीय प्रेमचंद्र, हसनपुर टांडा 90,060
तृतीय शिवकुमार, बाराबंकी 64,800