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प्रधानमंत्री जी ! लखनऊ के ये काम हो जाएं पूरे तो बने बात

Tue, 20 Jun 2017 12:54 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 20 Jun 2017 12:54 PM IST
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 lucknowites expectation from pm narendra modi on lucknow visit
पीएम मोदी - फोटो : demo pic
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लखनऊ में होंगे। उनसे जहां नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा करने की उम्मीद है, वहीं कई साल से रुके प्रोजेक्ट्स को केंद्र के विभागों की एनओसी दिलाने की भी उम्मीद रहेगी। अगर अधूरे पुल पूरे हो जाएं और मेट्रो का कॉमर्शियल संचालन शुरू हो जाए तो शहर को रफ्तार मिल जाएगी। पीएम से उम्मीदों पर पेश है एक रिपोर्ट-
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पिपराघाट पुल
क्यों है अधूरा : छावनी क्षेत्र की तरफ इस पुल को उतारा जाना है। इसके लिए एक पिलर का काम केवल रह गया है। सेना अपनी जमीन पर निर्माण नहीं चाहती इसलिए कई साल से पुल अधूरा पड़ा है।
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क्या फायदा मिलेगा - इस पुल के पूरा होने से विक्रमादित्य मार्ग और छावनी से सीधे गोमतीनगर विस्तार को जोड़ा जा सकेगा। इससे रायबरेली रोड, हजरतगंज और छावनी की तरफ आने वाले लोगों को घूमकर सीजी सिटी और जनेश्वर मिश्र पार्क नहीं आना पड़ेगा।
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कुकरैल फ़्लाईओवर
क्यों है अधूरा - फ न सिनेमा के पीछे नाले के पास की जमीन पर सेना अपना दावा करती है। इसकी वजह से फैजाबाद रोड से आगे लोहिया पथ तक फ्लाईओवर का निर्माण नहीं हो सका है। इधर नाले के सहारे फैजाबाद रोड तक रिंगरोड से निर्माण हो चुका है।

क्या होगा मिलेगा - पुल पूरा बन जाए तो रिंगरोड से सीधे लोहिया पथ और गोमती बैराज तक आने के लिए नया रास्ता खुलेगा। पॉलीटेक्निक  व मुंशी पुलिया चौराहा पर जाम कम होगा।

मल्हौर रेलवे ओवरब्रिज
क्यों है अधूरा - मल्हौर स्टेशन और एमिटी यूनिवर्सिटी की तरफ पुल का निर्माण शुरू होने के बाद रेलवे ने आपत्ति लगा दी। इसके बाद रेलवे लाइन के ऊपर खुद ही पुल बनाने की बात कही। इसके बाद से निर्माण रुका हुआ है।

क्या होगा फायदा - ये पुल बने तो एमिटी यूनिवर्सिटी और इसके आसपास की बसावट को सीधे गोमतीनगर से जोड़ा जा सकेगा। अभी लोगों को या तो क्रॉसिंग पर रुकना होता है 

जानें, लखनऊ मेट्रो का काम क्यों हैं अधूरा

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लखनऊ मेट्रो - फोटो : amar ujala
लखनऊ मेट्रो
क्यों है अधूरा - 24 मार्च को लखनऊ मेट्रो के कॉमर्शियल रन को शुरू होना था। इस बीच रेलवे बोर्ड से टेक्निकल क्लियरेंस और सीएमआरएस की कॉरिडोर खोलने की अनुमति नहीं मिल पाई। अब टेक्निकल क्लियरेंस तो मिल गई लेकिन सीएमआरस के निरीक्षण के बाद अनुमति मिलना बाकी है।

क्या होगा फायदा : मेट्रो के शुरू होने से ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग के बीच रास्ता आसान होगा। 

तेलीबाग से कैंट सड़क निर्माण
क्यों है अधूरा - सेना की आपत्ति के बाद रायबरेली रोड के तेलीबाग से छावनी के बीच सेक्शन का काम बंद पड़ा हुआ है। 

क्या होगा मिलेगा - अगर सेना एनओसी देती है तो तेलीबाग से छावनी तक सड़क को चौड़ा किया जा सकेगा। इससे डिवाइडर सहित फोर लेन सड़क बन जाने से ट्रैफिक बेहतर होगी।

‘सेना की आपत्ति कुकरैल पर गलत है, इसके सुबूत मिल गए हैं। वहीं पिपराघाट और रायबरेली रोड जैसे प्रोजेक्ट को जनहित के फायदे के रूप में लेकर सेना को एनओसी देनी चाहिए। खुद पूर्व रक्षामंत्री इसके लिए सैद्धांतिक सहमति दे चुके हैं।’ - दिवाकर त्रिपाठी, पूर्व आईएएस अधिकारी, सांसद प्रतिनिधि

‘इन अधूरे कामों खासतौर पर पिपराघाट पुल और कुक रैल फ्लाईओवर के पूरा होने से नए रोड नेटवर्क खुलेंगे। छावनी से जहां जनेश्वर पार्क और सीजी सिटी में क्रि केट स्टेडियम जाना आसान होगा। वहीं कुकरैल फलाईओवर से रिंगरोड और लोहिया पथ की कनेक्टिविटी होगी।’ - जेएन रेड्डी, मुख्य नगर नियोजक, एलडीए
 
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