आखिरकार पर्दे से निकले मोदी के शेर
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इटावा लॉयन सफारी के लिए गुजरात के शक्करबाग जू से लाए गए चारों बब्बर शेर लगभग एक महीने बाद रविवार को खुलकर दहाड़े।
उनकी दहाड़ों से एकबारगी पूरा जू कैंपस थर्रा उठा। एक महीने से कोरेनटाइन में चल रहे चारों बब्बर शेरों को 15 मिनट के लिए बाहर निकाला गया।
शेरों की बाउंड्रीवाल की तरह लगे हरे पर्दे और चटाइयां हटा दी गईं। अफसरों व चिकित्सकों की मौजूदगी में उन्हें कीपरों ने रेस्ट रूम से बाहर निकाला।
सुबह खिला मौसम देख प्रदेश के पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डॉ. रूपक डे जू पहुंचे और स्टाफ से शेरों मनन, वीगो, करिश्मा और कुंवरी को कोरेनटाइन से बाहर निकालने के प्लान पर चर्चा की।
सुबह करीब 10 बजे के बाद रेस्ट रूम से बाहर निकाले गए वीगो और करिश्मा ने 10 से 15 मिनट तक बरामदे में टहलने के बाद एक-दूसरे को देख जोर-जोर से दहाड़ना शुरू किया तो अधिकारियों ने उन्हें वापस भेजा।
बब्बर शेर दिन भर रेस्ट रूम विंडो के पास टहलते और दहाड़ते रहे। उनका साथ नजदीक के बाड़े में रह रहे शिवांगी-प्रिंस, हीर-कुबेर भी देते रहे।