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एलडीए टीम ने सील बिल्डिंग से रेस्क्यू करवाए दो खरगोश, 15 दिन से थे बंद
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:08 PM IST
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बचाए गए खरगोश
छह जुलाई को सील हुई बिल्डिंग में खरगोश बंद होने की शिकायत ने एलडीए के इंजीनियर्स और अधिकारियों को बृहस्पतिवार को सकते में ला दिया। यह बिल्डिंग लखनऊ के विपुलखंड में भूखंड संख्या सी 4/2 पर एलडीए ने आवासीय में कॉमर्शियल उपयोग के चलते बंद की थी। हालांकि शुक्रवार को एलडीए की टीम ने बिल्डिंग से दो खरगोश रेस्क्यू करवाए।
हालांकि एक दिन पहले तक एलडीए के इंजीनियर्स का कहना था कि 15 दिन के बाद खरगोश और कुत्ते सील कॉम्प्लेक्स में होने के पीछे सिर्फ सील खुलवाने का प्रयास है।
यह मामला उस समय सामने आया जबकि एलडीए के वीसी प्रभु एन सिंह के पास एक शिकायत पहुंची। इसमें कल्याण सेवा संस्थान नामक संस्था की सचिव मधु पांडेय ने बेजुबान दो खरगोश को बाहर निकालने की मांग की।
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इसके बाद ओएसडी राजेश शुक्ला ने जोन के एक्सईएन रोहित खन्ना को कार्यवाही के लिए कहा। एक्सईएन ने सचिव जयशंकर दुबे और ओएसडी राजेश शुक्ला को रिपोर्ट दी कि देर शाम पुलिस फोर्स के बिना सील नहीं खोली जा सकती।
इसकी वजह सैलून के बाहर कई लोगों की मौजूदगी पहले से होना बताया गया।अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले सैलून के संचालक ने हाईकोर्ट में भी याचिका की थी। इसमें दो कुत्ते और दो खरगोश होने की बात कही गई।
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हालांकि एक दिन पहले तक एलडीए के इंजीनियर्स का कहना था कि 15 दिन के बाद खरगोश और कुत्ते सील कॉम्प्लेक्स में होने के पीछे सिर्फ सील खुलवाने का प्रयास है।
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यह मामला उस समय सामने आया जबकि एलडीए के वीसी प्रभु एन सिंह के पास एक शिकायत पहुंची। इसमें कल्याण सेवा संस्थान नामक संस्था की सचिव मधु पांडेय ने बेजुबान दो खरगोश को बाहर निकालने की मांग की।
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इसके बाद ओएसडी राजेश शुक्ला ने जोन के एक्सईएन रोहित खन्ना को कार्यवाही के लिए कहा। एक्सईएन ने सचिव जयशंकर दुबे और ओएसडी राजेश शुक्ला को रिपोर्ट दी कि देर शाम पुलिस फोर्स के बिना सील नहीं खोली जा सकती।
इसकी वजह सैलून के बाहर कई लोगों की मौजूदगी पहले से होना बताया गया।अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले सैलून के संचालक ने हाईकोर्ट में भी याचिका की थी। इसमें दो कुत्ते और दो खरगोश होने की बात कही गई।
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यूनीफॉर्म निकालने के लिए दी मोहलत
सील बिल्डिंग
- फोटो : amar ujala
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए मंडलायुक्त के यहां अपील करने के लिए कहा था। इस बीच सैलून संचालक को अपना सामान निकालने का समय भी दिया गया, लेकिन सामान सैलून संचालक ने नहीं निकाला।
वहीं इसी सील भवन में सीएमएस की यूनीफार्म बेचने वाली एजेंसी टेलर एंड स्मिथ को अपना सामान निकालने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। एजेंसी के संचालक ने एलडीए अधिकारियों से सत्र शुरू होने के बीच यूनीफार्म की कमी होने की जानकारी देते हुए अपना सामान निकालने की मांग की थी। अब तीन दिन का समय देते हुए शोरूम को बृहस्पतिवार को खोल दिया गया।
वहीं इसी सील भवन में सीएमएस की यूनीफार्म बेचने वाली एजेंसी टेलर एंड स्मिथ को अपना सामान निकालने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। एजेंसी के संचालक ने एलडीए अधिकारियों से सत्र शुरू होने के बीच यूनीफार्म की कमी होने की जानकारी देते हुए अपना सामान निकालने की मांग की थी। अब तीन दिन का समय देते हुए शोरूम को बृहस्पतिवार को खोल दिया गया।