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पीजी में एक साल बाद कोर्स छोड़ने की सुविधा देने वाला पहला संस्थान बना लखनऊ विश्वविद्यालय

Thu, 18 Feb 2021 12:26 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2021 12:26 AM IST
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Lucknow university become first institute which given flexy exit
लखनऊ विश्वविद्यालय ने दी फ्लेक्सी एग्जिट की सुविधा।
लखनऊ। शैक्षिक सुधार के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय ने नया अध्याय लिख दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय परास्नातक स्तर पर एक साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी को कोर्स छोड़ने का विकल्प देने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए परास्नातक के नए सिलेबस को शैक्षिक सत्र 2020-21 से लागू कर दिया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में फ्लेक्सी एग्जिट की व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार विद्यार्थी के ऊपर पूरा कोर्स करने की बाध्यता नहीं होती है। परास्नातक के विद्यार्थी अगर एक साल की परीक्षा पास करने के बाद कोर्स छोड़ना चाहते हैं तो उनको पीजी डिप्लोमा की उपाधि दे दी जाएगी। अभी तक एक साल के बाद कोर्स छोड़ने की सूरत में विद्यार्थी को कोई प्रमाणपत्र नहीं मिलता था।
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इससे पहले लविवि ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिसाब से परास्नातक पाठ्यक्रमों के सिलेबस मेें बदलाव किया था। बोर्ड ऑफ स्टडीज और फैकल्टी बोर्ड की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद बुधवार को विभागाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने धारा 13-6 का उपयोग करके सिलेबस को इसी शैक्षिक सत्र से लागू करने की जानकारी दी। इसी के साथ ही लविवि फ्लेक्सी एग्जिट देने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया।
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परास्नातक में लिखित प्रणाली पर होंगे पेपर
विभागाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि लविवि में परास्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा बहुविकल्पीय सवाल आधारित प्रणाली के बजाय पहले की तरह लिखित होगी। इससे पहले लविवि ने कोरोना काल को देखते हुए इस साल की सभी परीक्षा बहुविकल्पीय सवाल आधारित प्रणाली पर कराने का आदेश जारी किया था। विभागाध्यक्षों के बीच लिखित परीक्षा प्रणाली पर सहमति बनने के बाद परीक्षा समिति के सामने इसको रखा जाएगा। सभी की सहमति होने की वजह से वहां से इसका पास होना तय है।

विद्यार्थियों के लिए विशेषाधिकार का उपयोग
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय का कहना है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मंशा के अनुसार, परास्नातक स्तर पर इसी सत्र से फ्लेक्सी एग्जिट की सुविधा मिलेगी। ऐसा करने वाला लखनऊ विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। इसे विद्यार्थियों के हित में इसे लागू करने के लिए अपने कार्यकाल में पहली बार विशेषाधिकार का उपयोग किया है।
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