लखनऊ ट्रिपल मर्डर: सामने आई मृतक की बेटी, बोली- योगी जी की बेटी अनाथ हुई है, इस घर पर चले बुलडोजर
Lucknow Triple Murder: सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार को हुई घटना ने तूल पकड़ा। इस मामले अब मृतक की बेटी खुलकर सामने आ गई।
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सोमवार को हुई घटना के बाद मृतक की बेटी सामने आई। कैमरे पर उसने कहा कि आज योगी जी की बेटी अनाथ हुई। जिस घर में आरोपी रह रहे हैं वह अवैध है। इस पर बुलडोजर चलना चाहिए। मेरी सरकार से कई मांगे हैं। हमारे परिवार को एक करोड़ को मिलना चाहिए। दूसरी, मेरी माँ, जो मृतक श्रीकांत तिवारी की बीवी हैं। उनको सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। मेरी सारी एजुकेशन की चीजें सरकार को संभालनी है।
हमारे घर पर आजीवन सिक्योरिटी रहनी चाहिए, क्योंकि अब मुझ पर, मेरी मम्मी पर और मेरी बड़ी मम्मी पर जान का खतरा है। अभी भी लोग मुझसे और मेरी बड़ी मम्मी और मेरी मम्मी से कह रहे हैं कि अभी घर में तीन औरतें हैं। इनको दबा लेंगे। उसने कहा कि मुझको सादतगंज, थाना कश्मीरी मोहल्ला में सबका सस्पेंशन चाहिए।
छह घंटे तक शव रखकर प्रदर्शन, आरोपी के घर में घुसी भीड़
सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार को पार्किंग के विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम के बाद शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। थोड़ी देर तक अंतिम दर्शन कराने के बाद नाराज लोगों ने शव उसी चबूतरे के पास ले जाकर रख दिए जिसे लेकर झगड़ा हुआ था। परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसके बाद नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख 10 थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया गया।
उधर, देखते ही देखते शिवाजी के रिश्तेदारों और करीबियों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग शुरू कर दी। काफी देर तक कोई कार्रवाई न होने पर भीड़ ऋषभ के घर में घुसने लगी। घर के बाहर खड़े दोपहिया वाहन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मकान में तोड़फोड़ की भी कोशिश की। पुलिस फोर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को मकान में घुसने से रोका। आरोपी के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर देने से आक्रोश बढ़ गया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी का पक्ष ले रही है। इसके बाद ऋषभ के एनकाउंटर की मांग होने लगी।
डीएम, पुलिस कमिश्नर को बुलाओ फिर होगी बात
आक्रोशित लोगों का कहना था कि डीएम, पुलिस कमिश्नर को बुलाओ फिर बात होगी। शहर में दिनदहाड़े तीन लोगों की हत्या हो जाती है और अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने भी नहीं आते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब एक बजे डीएम विशाख जी. और पुलिस आयुक्त तरुन गाबा मौके पर पहुंचे। दोनों सीधे शिवाजी के घर में चले गए। काफी देर तक अधिकारियों और पीड़ित परिवार में बातचीत होती रही पर कोई नतीजा नहीं निकला।
आरएसएस के पदाधिकारियों ने भी जताई नाराजगी
शिवाजी तिवारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में आरएसएस के पदाधिकारी भी पहुंचे थे। पीड़ित परिवार की हालत देखकर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी नाराज हो गए और डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह को बुलाने की बात कही। उनकी फोन पर उच्चाधिकारियों से बहस भी हुई। संघ ने पीड़ित परिवार की मांगें मानने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा।
ब्रजेश पाठक, नीरज सिंह ने शवों को दिया कंधा
हंगामे के बीच दोपहर 2:45 बजे महापौर सुषमा खर्कवाल मौके पर पहुंचीं। उनके आते ही लोगों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 3:15 बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और भाजपा नेता नीरज सिंह परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान भी लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। डिप्टी सीएम ने आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी। डिप्टी सीएम के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने। ब्रजेश पाठक और नीरज सिंह ने शवों को कंधा दिया और गुलाला घाट पर अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
छपने गए थे शादी के कार्ड, अब तेरहवीं की तैयारी
जिस परिवार में वर्षों बाद मांगलिक कार्यक्रम होना था आज वहां मातम पसरा हुआ है। सुयष की शादी के कार्ड छपने गए थे। मेहमानों की सूची तैयार की जा रही थी लेकिन किसी को पता नहीं था कि शादी से पहले तीन-तीन लोगों की तेरहवीं की तैयारी करनी पड़ेगी। ब्राह्मणी टोला में हर तरफ इसी की चर्चा थी। एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो शिवाजी तिवारी की पत्नी ऊषा की चीख निकल पड़ी। कभी वह बेटे के शव से चिपक कर जिगर के टुकड़े को निहार रही थीं तो कभी सुहाग को अंतिम विदाई दे रही थीं। ऊषा की हालत देख वहां मौजूद सैंकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं।
सुयष रविवार को परिवार के साथ ननिहाल में दिवाई की रस्म कराने गए थे। शादी का ज्यादातर सामान खरीदा जा चुका था। माता-पिता एकलौते बेटे की शादी धूमधाम से करने वाले थे। बेटे के लिए कमरे का रिनोवेशन एवं घर की मरम्मत के साथ पुताई का काम भी चल रहा था। सुयश कुछ दिन बाद शादी के लिए अपने कपड़े खरीदने वाले थे। इसके लिए उन्होंने दोस्तों से बात भी की थी। मंगलवार को सुयश के दोस्त भी वहां मौजूद थे लेकिन सबकी आंखों में आंसू थे। कॉलोनी की महिलाएं ऊषा, रुचि और सुमेधा को सांत्वना दे रही थीं। नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार रात भर मोहल्ले के लोग जागते रहे। हर घर में इसी घटना को लेकर चर्चा होती रही।