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Lucknow: गैंगस्टर रवि काना मामले में बांदा जेल अधीक्षक समेत तीन अफसर जांच में दोषी, एसआईटी भी कसेगी शिकंजा
Mon, 09 Feb 2026 06:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 09 Feb 2026 06:44 AM IST
सार
डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। अब अफसरों पर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उधर अब एसआईटी भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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गैंगस्टर रवि नागर उर्फ रवि काना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गैंगस्टर रविंद्र नागर उर्फ रवि काना को रिहा करने के मामले की विभागीय जांच में निलंबित जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर दोषी पाए गए हैं। डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। अब अफसरों पर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उधर अब एसआईटी भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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गैंगस्टर रवि काना नोएडा जेल से बांदा जेल में शिफ्ट किया था। 29 जनवरी को वसूली के केस में गौतमबुद्ध नगर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बी वारंट पर आरोपी रवि को तलब किया था। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उसकी पेशी हुई थी। उसी दिन देर शाम जेल प्रशासन ने रवि को रिहा कर दिया था। कोर्ट की नाराजगी के बाद पहले जेलर विक्रम सिंह को निलंबित किया गया था। फिर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम व डिप्टी जेलर निर्भय सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया था।
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डीआईजी जेल प्रयागराज ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अफसरों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में बांदा पुलिस ने इन अफसरों पर केस भी दर्ज किया था। एसआईटी प्रकरण तफ्तीश कर रही है। आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करेगी।
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जेलर और डिप्टी जेलर की भूमिका अहम
जांच में जेल अधीक्षक को पर्यवेक्षण में लापरवाही का दोषी पाया गया है। जेलर और डिप्टी जेलर को मुख्य जिम्मेदार माना गया है। इन अफसरों पर सख्त विभागीय दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।