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Lucknow News: क्लैट में लखनऊ के मेधावियों ने लहराया परचम
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फोटो
क्लैट में छाए राजधानी के मेधावी
- पांच दिन में ही आया प्रवेश परीक्षा का परिणाम, मानस निगम को एआईआर 59वीं रैंक
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। देशभर के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) में इस बार राजधानी के विद्यार्थियाें ने अच्छी रैंक हासिल की है। शुक्रवार को जारी परिणाम में काफी विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक 100 में जगह बनाई है। वहीं कटेगरी रैंक में भी अच्छी परफॉर्मेंस दी है। इसमें मानस निगम को एआईआर 59वीं, अवंतिका सिंह को एससी कटेगरी में 15वीं, अमन सिंह को एससी कटेगरी में 55वीं, विभाकर मित्तल को 239वीं, कृष्णा अग्रवाल को 257वीं, अनुश्री सरकार को 484वीं रैंक मिली है। खास यह है कि क्लैट का आयोजन रविवार को ही किया गया था और पांच दिन में ही इसका परिणाम भी जारी कर दिया गया।
बातचीत-----
सामान्य ज्ञान पर फोकस कर पाई सफलता
मैंने टाइम मैनेजमेंट और जनरल नॉलेज की तैयारी पर विशेष रूप से फोकस किया। अलग से ऑनलाइन मैटेरियल से तैयारी की। रीडिंग स्पीड और एक्यूरेसी पर भी फोकस किया। नियमित मॉक टेस्ट से सहायता मिली। यह मेरा दूसरा प्रयास था। पहले की गलतियों में सुधार किया। एनएलयू बंगलूरू से लॉ करके कॉरपोरेट लॉयर बनना है। मैं कोर्ट में भी कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास रहेगा। पिता मनीष निगम हाईकोर्ट में अधिवक्ता और मां पंकज निगम शिक्षिका हैं।
- मानस निगम, एआईआर 59वीं रैंक
जज बनकर दिलाऊंगा न्याय
पिछली बार मैं 12वीं के कारण पर्याप्त समय नहीं दे पाया। इस बार पिछली गलतियों में सुधार कर नियमित मॉक टेस्ट देकर सफलता पाई। जीके को बेहतर करने पर फोकस था। नोट्स बनाकर रिवीजन करता था। सीएमएस गोमतीनगर से इंटर किया है। आगे एनएलयू वेस्ट बंगाल या जोधपुर से लॉ करके पीसीएस-जे की तैयारी करूंगा। जज बनकर लोगों को बेहतर न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। पिता सोलनलाल रेलवे से सेवानिवृत्त हैं और मां केशमती गृहिणी हैं।
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- अमन सिंह, एआईआर एससी कटेगरी 55वीं रैंक
नियमित अखबार पढ़कर मजबूत किया जीके
सीएमएस गोमतीनगर से हाईस्कूल व इंटर किया है। साथ ही क्लैट की तैयारी भी की। नियमित अखबार पढ़कर जीके बेहतर किया। अन्य चीजों के लिए स्टडी मैटेरियल के साथ ऑनलाइन कंटेंट का भी सहयोग लिया। यह मेरा पहला प्रयास था और बेहतर विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर आगे की तैयारी पूरी करनी है। पिता निकुंज मित्तल न्याय विभाग में विशेष सचिव हैं और मां अनुपमा मित्तल गृहिणी हैं।
- विभाकर मित्तल, एआईआर 239वीं रैंक
शुरू में असफलता मिले तो डरे नहीं
यह मेरा दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास की गलतियों को सुधार कर, नियमित अखबार से जीके की तैयारी की। मॉक टेस्ट देता रहा और उसमें मिलने वाली कमियों को दूर करता रहा। मेरा मानना है कि शुरूआती असफलता से डरें नहीं। कमियों को दूर कर आगे बढ़ें। एनएलयू हैदराबाद से लॉ करके बेहतर अधिवक्ता बनना चाहता हूं। जयपुरिया गोमतीनगर से हाईस्कूल व इंटर किया है। पिता निखिल अग्रवाल बिजनेसमैन और मां सोनी गृहिणी हैं।
- कृष्णा अग्रवाल, एआईआर 257वीं रैंक
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क्लैट में छाए राजधानी के मेधावी
- पांच दिन में ही आया प्रवेश परीक्षा का परिणाम, मानस निगम को एआईआर 59वीं रैंक
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। देशभर के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) में इस बार राजधानी के विद्यार्थियाें ने अच्छी रैंक हासिल की है। शुक्रवार को जारी परिणाम में काफी विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक 100 में जगह बनाई है। वहीं कटेगरी रैंक में भी अच्छी परफॉर्मेंस दी है। इसमें मानस निगम को एआईआर 59वीं, अवंतिका सिंह को एससी कटेगरी में 15वीं, अमन सिंह को एससी कटेगरी में 55वीं, विभाकर मित्तल को 239वीं, कृष्णा अग्रवाल को 257वीं, अनुश्री सरकार को 484वीं रैंक मिली है। खास यह है कि क्लैट का आयोजन रविवार को ही किया गया था और पांच दिन में ही इसका परिणाम भी जारी कर दिया गया।
बातचीत-----
सामान्य ज्ञान पर फोकस कर पाई सफलता
मैंने टाइम मैनेजमेंट और जनरल नॉलेज की तैयारी पर विशेष रूप से फोकस किया। अलग से ऑनलाइन मैटेरियल से तैयारी की। रीडिंग स्पीड और एक्यूरेसी पर भी फोकस किया। नियमित मॉक टेस्ट से सहायता मिली। यह मेरा दूसरा प्रयास था। पहले की गलतियों में सुधार किया। एनएलयू बंगलूरू से लॉ करके कॉरपोरेट लॉयर बनना है। मैं कोर्ट में भी कमजोर वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास रहेगा। पिता मनीष निगम हाईकोर्ट में अधिवक्ता और मां पंकज निगम शिक्षिका हैं।
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- मानस निगम, एआईआर 59वीं रैंक
जज बनकर दिलाऊंगा न्याय
पिछली बार मैं 12वीं के कारण पर्याप्त समय नहीं दे पाया। इस बार पिछली गलतियों में सुधार कर नियमित मॉक टेस्ट देकर सफलता पाई। जीके को बेहतर करने पर फोकस था। नोट्स बनाकर रिवीजन करता था। सीएमएस गोमतीनगर से इंटर किया है। आगे एनएलयू वेस्ट बंगाल या जोधपुर से लॉ करके पीसीएस-जे की तैयारी करूंगा। जज बनकर लोगों को बेहतर न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। पिता सोलनलाल रेलवे से सेवानिवृत्त हैं और मां केशमती गृहिणी हैं।
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- अमन सिंह, एआईआर एससी कटेगरी 55वीं रैंक
नियमित अखबार पढ़कर मजबूत किया जीके
सीएमएस गोमतीनगर से हाईस्कूल व इंटर किया है। साथ ही क्लैट की तैयारी भी की। नियमित अखबार पढ़कर जीके बेहतर किया। अन्य चीजों के लिए स्टडी मैटेरियल के साथ ऑनलाइन कंटेंट का भी सहयोग लिया। यह मेरा पहला प्रयास था और बेहतर विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर आगे की तैयारी पूरी करनी है। पिता निकुंज मित्तल न्याय विभाग में विशेष सचिव हैं और मां अनुपमा मित्तल गृहिणी हैं।
- विभाकर मित्तल, एआईआर 239वीं रैंक
शुरू में असफलता मिले तो डरे नहीं
यह मेरा दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास की गलतियों को सुधार कर, नियमित अखबार से जीके की तैयारी की। मॉक टेस्ट देता रहा और उसमें मिलने वाली कमियों को दूर करता रहा। मेरा मानना है कि शुरूआती असफलता से डरें नहीं। कमियों को दूर कर आगे बढ़ें। एनएलयू हैदराबाद से लॉ करके बेहतर अधिवक्ता बनना चाहता हूं। जयपुरिया गोमतीनगर से हाईस्कूल व इंटर किया है। पिता निखिल अग्रवाल बिजनेसमैन और मां सोनी गृहिणी हैं।
- कृष्णा अग्रवाल, एआईआर 257वीं रैंक