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Lucknow : केजीएमयू में तीसरी मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरकर मरीज की मौत, ऑपरेशन के बाद भर्ती थे रामवृक्ष

Sun, 17 Sep 2023 10:21 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 17 Sep 2023 10:21 PM IST
सार

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिंब सेंटर में भर्ती रामवृक्ष चौहान (44) की रविवार सुबह संदिग्ध हालात में तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। आशंका है कि मरीज ने खुदकुशी की है। पुलिस और केजीएमयू प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं।

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Lucknow: Patient dies after falling under suspicious circumstances from third floor in KGMU
केजीएमयू - फोटो : amar ujala

विस्तार

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिंब सेंटर में भर्ती रामवृक्ष चौहान (44) की रविवार सुबह संदिग्ध हालात में तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। आशंका है कि मरीज ने खुदकुशी की है। पुलिस और केजीएमयू प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैं।

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कुशीनगर के तुर्कपट्टी निवासी रामवृक्ष का 13 सितंबर को लिंब सेंटर में रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे तीसरी मंजिल स्थित पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में साफ-सफाई चल रही थी। इस वार्ड में सिर्फ तीन बेड- 23, 24 और 25 नंबर ही हैं। बेड संख्या 24 पर भर्ती कृष्णानगर निवासी कृपाशंकर दुबे बताते हैं कि साफ-सफाई के समय सभी तीमारदारों को बाहर निकाल दिया जाता है। तीनों मरीजों में से सिर्फ रामवृक्ष ही चल-फिर सकते थे। इसी दरम्यान रामवृक्ष बिस्तर से उठकर शौचालय की ओर गए।
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शौचालय के पास लगी खिड़की का शीशा टूटने की आवाज पर मची अफरातफरी
कृपा शंकर बताते हैं कि शौचालय के पास ही बड़ी सी खिड़की लगी हुई है। थोड़ी देर में खिड़की का शीशा टूटने की आवाज आई। मैंने रामवृक्ष को आवाज दी। जब कोई जवाब नहीं आया, तो शोर मचाया। इसपर अस्पताल का स्टाफ आ गया। तब जानकारी हुई कि रामवृक्ष नीचे गिरे हुए हैं। आननफानन उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सुबह किया था नाश्ता, कुछ भी नहीं था असामान्य
कृपा शंकर दुबे ने बताया कि रामवृक्ष सामान्य रूप से बातचीत करते थे। रविवार सुबह उन्होंने बाकायदा नाश्ता किया था। उनका व्यवहार सामान्य था। नाश्ते के बाद वे अपने बेड से उठे। हमें लगा कि वह शौचालय जा रहे हैं। इसके बाद यह घटना घट गई।

डेढ़ साल से चल रहा था इलाज, चार लाख रुपये का हो गया कर्ज
पत्नी सुनीता ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले साइकिल से गिरने की वजह से रामवृक्ष की पीठ में चोट लग गई थी। इसके बाद से उनका कामकाज ठप हो गया था। सुनीता बताती हैं, हमारे पास जमीन भी नाममात्र की है। थोड़ी-बहुत जो जमा-पूंजी थी, वह इलाज में खर्च हो गई। ऐसे में रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इलाज कराया जा रहा था। हमारे ऊपर चार लाख रुपये का कर्ज हो गया है। बहरहाल, आयुष्मान कार्ड बना होने की वजह से ऑपरेशन का खर्च मिल गया था, लेकिन बाकी खर्च ने कमर तोड़ दी।

सोचा था जिंदगी की गाड़ी फिर से पटरी पर आ जाएगी
बिलखते हुए सुनीता कहती हैं, उम्मीद थी कि ऑपरेशन सफल होने के बाद जिंदगी की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी। सबका कर्ज उतार देंगे। हमारे चार बच्चे हैं। अब समझ में नहीं आ रहा है कि घर का खर्च कैसे चलेगा।


जांच के बाद पता चलेगी वजह
मरीज की मौत की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। रीढ़ के सफल ऑपरेशन के बाद रामवृक्ष की अच्छी रिकवरी हो रही थी। ऑपरेशन के बाद उनको किसी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्या भी नहीं हुई। घटना हादसा है या फिर खुदकुशी, पुलिस और केजीएमयू प्रशासन इसकी जांच कर रहा है। जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। - प्रो. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू

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