लखनऊ:बेसमेंट खुदाई से भर भरा कर गिरी दो निर्माणाधीन बिल्डिंगें, इलाके में मची भगदड़, ठेकेदार गिरफ्तार, वीडियो
लखनऊ में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिर गई। पुलिस के समय से सक्रिय होने के कारण हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। ठेकेदार को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
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एलडीए की भरी जनता अदालत में बुजुर्ग की पिटाई करने वाले तमाचे बाज ओएसडी डीके सिंह के प्रवर्तन जोन छह में हजरतगंज के वजीर हसन रोड के अलाया अपार्टमेंट जैसी घटना की पुनरावृत्ति उस वक्त होने से टल गई, जब अवैध रूप से बेसमेंट की खुदाई के चलते नाका थाना क्षेत्र स्थित आर्यानगर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे दो निर्माणाधीन बिल्डिगें भर भरा कर गिर गई। हालांकि, इन बिल्डिंग के तिरछा होने का सिलसिला बुधवार सुबह 10:30 बजे से शुरु हो गया था। इससे पुलिस ने पहुंच करके आसपास के घरों को खाली करा रस्सी बांध करके आवागमन को बंद कर दिया था, जिससे जन हानि नहीं हुई। पुलिस ने दो परिवारों के नौ सदस्यों को तो बचा लिया, लेकिन उनके जीवन भर की गृहस्थी मलबे में दब गई। साथ ही, पड़ोसी शिवा अरोडा की बाउंडी एवं वहां पर खड़ी स्कूटी टूट गई। इस घटना के जिम्मेदार बिल्डिंग का निर्माण करने वाले ठेकेदार दीपू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के मुताबिक आर्यानगर संकट मोचन मंदिर के पास भवन संख्या 288/203 निवास करने वाले कृष्ण कुमार द्विवेदी एवं अनिल कुमार द्विवेदी के पैतृक आवास थे। यह दोनो आवास प्रदेश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रानिक्स मार्केट नाका की परिधि में हैं। केके द्विवेदी का तीन मंजिल का मकान बन चुका था, जब कि उनके भाई अनिल कुमार द्विवेदी का निर्माणाधीन था। केके द्विवेदी के द्वारा तीन मंजिल मकान के नीचे बेसमेंट की खुदाई कराई जा रहा थी। बेसमेंट की यह खुदाई बाजार बंद होने पर शुरु होकर पूरी रात चलती थी। मानक के विपरीत बेसमेंट की खुदाई किए जाने के कारण बुधवार सुबह 10:30 दो बिल्डिंगों में दरार आयी और आस पास के मकान हिलने लगे। इससे लोग घरों से बाहर निकल आए तो देखा कि बिल्डिंग तिरछा हो गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसने तत्काल पहुंच बचाव कार्य शुरु कर दिया।
पड़ोसियों ने रिश्तेदारों के घर भेजे बच्चे
बिल्डिंग गिरने की आशंका के चलते आसपास के घरों में अफरा-तफरी मची तो महिलाओं और बच्चों की रुलाई कोहराम मच गया। पड़ाेसियों ने बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज दिया। पुलिस बचाव में जुटी थी कि अचानक बिल्डिंग गिर गई तो मौके पर नगर आयुक्त डॉ. इंद्रजीत सिंह, एलडीए अपसर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा जिम्मेदारों से संग पहुंचे। इन अफसरों को अवैध रूप से किए जा रहे निर्माण के चलते लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। अफसर जांच करके चले गए तो शाम चार बजे से गिरी बिल्डिंग का मलबा हटने का सिलसिला शुरु हुआ।
किराएदार परिवार का प्रदर्शन, रात को होती थी खुदाई
वकील केके द्विवेदी की किराएदार विमला ने लोगों को बताया कि इस बिल्डिंग में उसका परिवार लगभग 60 साल से रह रहा था। बिल्डिंग गिरने से उनकी जान तो बच गई, मगर जीवन भर की गृहस्थी उसमें दबी है। बेसमेंट के दूसरी तरफ के हिस्से में परिवार के पांच सदस्य रहते थे। विमला ने यह भी बताया कि गिरने वाले मकान में केके द्विवेदी का परिवार नहीं रहता। बेसमेंट की खुदाई रात को चल रही थी। परिवार के प्रदर्शन पर एलडीए के द्वारा शारदानगर योजना में प्रधानमंत्री आवास दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।
पहले तिरछी हुई फिर गिरी बिल्डिंग
11:00 बजे पुलिस ने रास्ता बंद कर शुरु किया बचाव
1:05 बजे सबके सामने भर भरा करके ढही बिल्डिंग
4:00 बजे से उठना शुरु हुआ बिल्डिंग का मलबा
अवैध बेसमेंट खुदाई पर होगी कार्रवाई
बेसमेंट की अवैध तरीके से खुदाई किए जाने के कारण आपस में मिले दो मकानों की बिल्डिंग भर भरा कर गिर गई। बिल्डिंग मालिक के द्वारा बेसमेंट की खुदाई के लिए एलडीए से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके कारण नाका कोतवाली में तहरीर दी गई, साथ ही, अन्य कार्रवाई होगी।- ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव एलडीए
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