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बोले डिप्टी सीएम: भाजपा ने मायावती को कृष्ण की तरह बचाया था, सदन में याद दिलाया गेस्ट हाउस कांड
Sun, 04 Feb 2024 09:20 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 04 Feb 2024 09:20 AM IST
सार
विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिस तरह से कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की थी, उसी तरह 1995 के गेस्ट हाउस कांड में ब्रह्मदत्त द्विवेदी समेत तत्कालीन भाजपा सदस्यों ने सपा के लोगों से मायावती की रक्षा की थी।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिस तरह से कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की थी, उसी तरह 1995 के गेस्ट हाउस कांड में ब्रह्मदत्त द्विवेदी समेत तत्कालीन भाजपा सदस्यों ने सपा के लोगों से मायावती की रक्षा की थी। वह शून्य प्रहर में महिला अपराधों पर सपा सदस्यों की ओर से लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव पर बोल रहे थे। इस मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
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सपा के मुकुल यादव ने यह मुद्दा उठाया। इस पर बोलते हुए सपा के ही डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि वाराणसी में बीटेक की छात्रा के साथ गैंगरेप करने वाले भाजपा के आईटी सेल से जुड़े हैं। पुलिस ने घटना के अगले दिन ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया, फिर सत्ताधारी नेताओं के दबाव मे छोड़ा गया। इसमें तत्कालीन एसीपी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि कानून के रखवाले ही उसके भक्षक बन गए हैं। लाल बिहारी यादव ने राज्य अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है।
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नेता सदन व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि सपा सदस्यों पर पुरानी कहावत चरितार्थ होती है-''सूप बोले तो बोले, चलनिया भी बोले।'' भाजपा सरकार में अपराधियों के खिलाफ प्रभारी कार्रवाई करवाकर मृत्यु दंड तक दिलवाया जा रहा है। लड़कों से गलती हो जाती है, यह किसने कहा था, लोग अभी भूले नहीं हैं। सपा सदस्यों ने तत्कालीन एसीपी के खिलाफ जांच की मांग करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कार्यस्थगन प्रस्ताव अस्वीकार करते हुए प्रकरण आवश्यक कार्यवाही के लिए सरकार को भेज दिया।
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प्रश्न प्रहर चलाए जाने पर भी सपा सदस्यों ने किया बहिर्गमन
विधान परिषद की शनिवार की सुबह 11 बजे जैसे ही कार्यवाही प्रारंभ हुई, सपा सदस्यों ने प्रश्न प्रहर न चलाए जाने का विरोध किया। इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि शनिवार को प्रश्न प्रहर चलाने की परंपरा नहीं रही है। जवाब से अंसतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
69 हजार शिक्षक भर्ती में जल्द सुलटेगा आरक्षण का विवाद
विधान परिषद में बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का विवाद जल्द सुलटेगा। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पीड़ित पक्ष से कोर्ट के बाहर भी सरकार लगातार बात कर रही है। बसपा के भीमराव अंबेडकर ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर मामले को लटका रही है, जोकि उचित नहीं है।
तदर्थ शिक्षकों का मामला भी सदन में उठा
विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने एडेड माध्यमिक विद्यालयों में तदर्थ शिक्षकों की सेवा समाप्ति का मुद्दा उठाया। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि इनकी सेवाएं जारी रखने के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। इस पर ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने एक आदेश होने का हवाला दिया। सभापति ने कहा कि इस आदेश का परीक्षण करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्री मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें।
एनपीएस की खामियां दूर करे सरकार : सभापति
एमएलसी राज बहादुर सिंह चंदेल ने पुरानी पेंशन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान की भाजपा सरकारों ने भी पुरानी पेंशन के आदेश को वापस नहीं लिया है। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि यह विषय केंद्र का है। राज्य सरकार कुछ करने की स्थिति में नहीं है। सभापति ने कहा कि सरकार नई पेंशन स्कीम की खामियों को दूर करे। अगर यह संभव न हो तो अन्य विकल्पों पर विचार करे।