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Lucknow News : रेलवे अफसर ने सात साल में कमाए 92 लाख, संपत्तियों में निवेश किए 5.09 करोड़

Tue, 02 Jan 2024 02:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 02 Jan 2024 02:52 PM IST
सार

जेल में बंद केसी जोशी के खिलाफ सीबीआई रिश्वत लेने के मामले में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। वहीं, इस मामले में गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के कुछ अन्य अधिकारी भी सीबीआई के रडार पर हैं।

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Lucknow News: Railway officer earned Rs 92 lakh in seven years, invested Rs 5.09 crore in properties
भ्रष्टाचार

विस्तार

सीबीआई ने गोरखपुर में तैनात रहे पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है। सीबीआई के डिप्टी एसपी संदीप कुमार पांडेय की शिकायत पर सोमवार को राजधानी स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच में दर्ज केस में उल्लेख किया गया है कि केसी जोशी ने अपनी आय के समस्त वैध स्रोतों से करीब 483.06 प्रतिशत (4.44 करोड़ रुपये) अधिक व्यय चल-अचल संपत्तियों को खरीदने में किया।

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बता दें कि सीबीआई ने विगत 12 सितंबर को गोरखपुर में केसी जोशी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ जेम पोर्टल के जरिए रेलवे का टेंडर हासिल करने वाली फर्म सूक्ति एसोसिएट के मालिक प्रणव त्रिपाठी ने सात लाख रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जिसके बाद सीबीआई की टीम ने गाेरखपुर जाकर केसी जोशी को तीन लाख रुपये रिश्वत लेते हुए दबोच लिया था। उनके गोरखपुर और नोएडा स्थित आवास पर छापों में 2.61 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। वहीं उनके और परिजनों के बैंक खातों में भी 1.41 करोड़ रुपये की नकदी जमा होने का पता चला था। सीबीआई केसी जोशी की चल-अचल संपत्तियों की लगातार जांच कर रही थी, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिलने के बाद सीबीआई, लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच की एसपी शिवानी तिवारी के निर्देश पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस भी दर्ज कर लिया गया है।
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जांच में मिलते गये भ्रष्टाचार के प्रमाण
सीबीआई ने नवंबर 2016 से सितंबर 2023 तक केसी जोशी की संपत्तियों की जांच शुरू की तो देहरादून में भूखंड और नोएडा में एक फ्लैट में 22.90 लाख रुपये का निवेश होने की जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने पर वृंदावन के इंडियन ओवरसीज बैंक के लॉकर में 54.67 लाख रुपये के जेवरात मिले। इसके अलावा नोएडा में 53.87 लाख रुपये का एक और फ्लैट, अलग-अलग बैंकों में करीब 35 लाख रुपये की एफडीआर, गोरखपुर और नोएडा के आवास में करीब 4 लाख रुपये की बेशकीमती वस्तुएं का पता चला। इस अवधि में उनकी कुल वैध आय करीब 92 लाख रुपये पायी गयी, जिसमें से 26.29 लाख रुपये भरण-पोषण में खर्च हुए। वहीं 65.63 लाख रुपये की बचत की। उनकी कुल आय और व्यय की पड़ताल में सामने आया कि उन्होंने सात साल में 5.09 करोड़ रुपये संपत्तियों में निवेश व्यय किए। जो उनकी वैध आय से 483.06 प्रतिशत अधिक है।
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रेलवे ने किया जबरन सेवानिवृत्त
1988 बैच के इंडियन रेलवे स्टोर सर्विसेज के अधिकारी कैलाश चंद्र जोशी को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करने के 48 घंटे बाद निलंबित कर दिया गया था। केसी जोशी को वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त होना था, लेकिन सीबीआई की कार्रवाई के बाद उनको अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर नौकरी से हटा दिया गया। 

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