फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow News : Madarsa board chairman said, do not make simple survey of madrasas legal-illegal arena

Lucknow News : मदरसा बोर्ड के चेयरमैन ने कहा, मदरसों के साधारण सर्वे को न बनाएं वैध-अवैध का अखाड़ा

Sun, 18 Sep 2022 08:37 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 18 Sep 2022 08:37 PM IST
सार

मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डाॅ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि समय-समय पर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों, कालेजों और विश्वविद्यालयों के भी सर्वे होते रहते हैं लेकिन उसकी कोई चर्चा नही होती। मदरसों के सर्वे की बेतहाशा चर्चा ने अजीब सा माहौल बना दिया है।

विज्ञापन
Lucknow News : Madarsa board chairman said, do not make simple survey of madrasas legal-illegal arena
मदरसा

विस्तार

गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के बीच मदरसों को वैध और अवैध बताने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुये मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि मदरसों के साधारण सर्वे को वैध-अवैध का अखाड़ा न बनाया जाए। उन्होंने मदरसों के सर्वे पर सही शब्दों का चयन करने की अपील की। गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या बढ़ने पर डा. जावेद ने कहा कि बीते सात सालों से नए मदरसों की मान्यता बंद है, ऐसे में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की गिनती बढ़ना स्वभाविक है।

विज्ञापन


मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि समय-समय पर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों, कालेजों और विश्वविद्यालयों के भी सर्वे होते रहते हैं लेकिन उसकी कोई चर्चा नही होती। मदरसों के सर्वे की बेतहाशा चर्चा ने अजीब सा माहौल बना दिया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक व आधुनिक शिक्षा देने वाले सभी मदरसे वैध हैं। चेयरमैन ने कहा कि तमाम मदरसे मदरसा बोर्ड से मान्यता प्रप्त हैं जो बोर्ड का पाठयक्रम चलाते हैं तो कुछ मदरसे दारुल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ, दारुल उलूम देवबंद और जामिया सल्फिया वाराणसी जैसे शैक्षिक संस्थानों से संबद्घ होकर उनका पाठयक्रम चलाते हुये गरीब कमजोर परिवार के बच्चों को शिक्षित करते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कौम के चंदे व जकात के पैसे से चलने वाले मान्यता प्राप्त मदरसे और गैर मान्यता प्राप्त मदरसे निशुल्क शिक्षा देकर साक्षरता दर बढ़ाने में सरकारों की मदद कर रहे हैं। डाॅ. जावेद ने कहा कि मदरसों के वैध व अवैध होने की चर्चा कर कुछ लोग मदरसों के बंद होने का डर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा प्रबंधन से मेरी अपील है कि वो भयभीत न हों, सरकार सर्वे के माध्यम से मदरसों की सही संख्या, उनकी गुणवत्ता और संचालन का डाटा एकत्र करना चाहती है, ताकि उनके हित में काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि बीते सात साल में मदरसा बोर्ड ने किसी भी नए मदरसे को मान्यता नही दी है। ऐसे में नए मदरसों की संख्या भी बढ़ना स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद गैर मान्यता प्राप्त मदरसों को बोर्ड से मान्यता देकर धार्मिक के साथ आधुनिक शिक्षा दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed