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Lucknow News: लोक निर्माण विभाग का टेंडर सामने आने के बाद नगर निगम ने निरस्त किया अपना टेंडर

Sun, 18 Jan 2026 05:22 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 05:22 PM IST
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Lucknow news
लोक निर्माण विभाग का टेंडर सामने आने के बाद नगर निगम ने निरस्त किया अपना टेंडर
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एक सड़क का दो विभागों से टेंडर जारी होने का मामला

सड़क किसकी अब इसको लेकर विवाद


माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड में एक सड़क को बनाने का दो विभागों से अलग-अलग टेंडर जारी होने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने अपना टेंडर निरस्त कर दिया है। नगर निगम का कहना है कि सड़क नगर निगम की है यदि लोक निर्माण विभाग टेंडर जारी करने से पहले एनओसी लेता तो यह गड़बड़ी नहीं होती। अब लोक निर्माण विभाग काम कराए नगर निगम इस बजट को किसी और कार्य पर खर्च करेगा। वहीं लोक निर्माण विभाग ने दावा किया है कि सड़क उसकी है वही बनाएगी,एनओसी लेने का कोई औचित्य नहीं।

नवंबर में लोक निर्माण विभाग ने किशोरी लाल चौराहा से चौहान प्लाजा, डीके मैरिज लान होते हुए हनुमानतिराहा से चिनहट मार्ग तक सड़क मरम्म्त को लेकर 32.90 लाख रुपये का टेंडर निकाला। इसके अलावा फैजाबाद मार्ग से रजत डिग्री कालेज मार्ग की भी मरम्मत का 33.15 लाख रुपये का टेंडर निकाला। टेंडर निकले हुए दो महीने से अधिक हो गए मगर अभी तक सड़क बनाई नहीं गई थी। इसी बीच 17 जनवरी को नगर निगम ने अयोध्या मुख्य मार्ग से रजत कालेज तक और डीके मैरिज लॉन से अजय नगर होते हुए हनुमान मार्केट तक 8.41 लाख रुपये का टेंडर निकाला। यानि जिस सड़क को पूरी तरह से बनाने के लिए लोक निर्माण ने करीब 66 लाख रुपये के दो टेंडर निकाले उसी सड़क का नगर निगम ने पैच वर्क का टेंडर निकाला। ऐसे में साफ है कि यह घपलेबाजी के लिए किया गया था। जब सड़क पूरी बन जाती तो फिर पैचवर्क की जरूरत ही नहीं रह जाती। जानकारों ने बताया कि इसी तरह की धांधली पहले भी कई बार की जा चुकी है। यदि गोपनीय शिकायत पर यह मामला न खुलता को एक ही सड़क को दो विभाग बनाने पर बजट खर्च दिखा देते।
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विभाग ने नहीं ली एनओसी

नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा का कहना है कि डबल टेंडर का मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने अपना टेंडर निरस्त कर दिया है। यह गड़बड़ी लोक निर्माण विभाग के एनओसी न लेने के कारण हुई। सड़क नगर निगम के क्षेत्र की है, ऐसे में पूर्व से बने नियमों के तहत लोक निर्माण विभाग को टेंडर जारी करने से पहले नगर निगम से एनओसी लेनी चाहिए थी,जो उसने नहीं। यदि ली होती तो यह गड़बड़ी नहीं होती। यदि शासन स्तर से हैंडओवर लोक निर्माण विभाग को दिया गया है तो उसकी जानकारी विभाग को देनी चाहिए।
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रोड हमारी, हम बनाएंगे

लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ राय कहा कि सड़क उनकी है, उसके सारे रिकार्ड उनके पास है। ऐसे में नगर निगम से एनओसी लेने का कोई मतलब नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने नवंबर में टेंडर जारी किया था जबकि नगर निगम ने दो दिन पहले जारी किया है। यदि सड़क के स्वामित्व को लेकर को भ्रम है तो नगर निगम को जानकारी भेज दी जाएगी। सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग कराएगा। एक सप्ताह के अंदर काम भी शुरू हो जाएगा।

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