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Lucknow News: एनसीएलएटी में दूसरे दिन फिर हुई अंसल मामले को लेकर सुनवाई
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एनसीएलएटी में दूसरे दिन फिर हुई अंसल मामले को लेकर सुनवाई
अंसल और वित्तीय संस्था आईएफएसएल के वकीलों ने रखा पक्ष
अब 18 दिसंबर को होगी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को फिर अंसल मामले की सुनवाई हुई। करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। जिसमें अंसल कंपनी और वित्तीय संस्था आईएफएसएल के अधिवक्ताओं की ओर से पक्ष रखा गया। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 दिसंबर को होगी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में केस चल रहा है। जहां पर सोमवार को भी सुनवाई हुई थी। जिसमें एलडीए की ओर से कोर्ट में यहा दावा पेश किया गया था कि अंसल कंपनी की हाईटेक टाउनशिप पर पहला अधिकार उसका है। इसको लेकर एलडीए की ओर से कंपनी से अनुबंध और हाईटेक टाउनशिप नीति को साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए थे। टाउनशिप में मकान, प्लाट और फ्लैट खरीदारों की ओर से एलडीए के दावे का समर्थन किया गया था। अब मंगलवार को हुई सुनवाई में अंसल कंपनी और अंसल को 83 करोड़ का कर्ज देने वाली वित्तीय संस्था आईएफएसल के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। आवंटी और निवेशक गगन टंडन ने बताया कि अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। आवंटियों को आशा है कि एनसीएलएटी से फैसला उनके हक में आएगा।
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अंसल और वित्तीय संस्था आईएफएसएल के वकीलों ने रखा पक्ष
अब 18 दिसंबर को होगी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को फिर अंसल मामले की सुनवाई हुई। करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। जिसमें अंसल कंपनी और वित्तीय संस्था आईएफएसएल के अधिवक्ताओं की ओर से पक्ष रखा गया। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 दिसंबर को होगी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में केस चल रहा है। जहां पर सोमवार को भी सुनवाई हुई थी। जिसमें एलडीए की ओर से कोर्ट में यहा दावा पेश किया गया था कि अंसल कंपनी की हाईटेक टाउनशिप पर पहला अधिकार उसका है। इसको लेकर एलडीए की ओर से कंपनी से अनुबंध और हाईटेक टाउनशिप नीति को साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए थे। टाउनशिप में मकान, प्लाट और फ्लैट खरीदारों की ओर से एलडीए के दावे का समर्थन किया गया था। अब मंगलवार को हुई सुनवाई में अंसल कंपनी और अंसल को 83 करोड़ का कर्ज देने वाली वित्तीय संस्था आईएफएसल के अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। आवंटी और निवेशक गगन टंडन ने बताया कि अब अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। आवंटियों को आशा है कि एनसीएलएटी से फैसला उनके हक में आएगा।
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