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Lucknow News: निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित डॉक्टर इलाज करते मिले तो कसेगा शिकंजा

Mon, 25 Aug 2025 04:58 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 04:58 PM IST
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निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित डॉक्टर इलाज करते मिले तो कसेगा शिकंजा
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- डीजी परिवार कल्याण ने जारी किया आदेश, सीएमओ को सख्ती से अनुपालन कराने के दिए निर्देश

माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ मरीजों का इलाज करते मिले तो उन पर नकेल कसेगी। इसे लेकर डीजी परिवार कल्याण ने निगरानी के निर्देश दिए है। इसमें एमबीबीएस डॉक्टर की जगह दूसरी विद्या के डॉक्टर इलाज करते मिले तो करवाई होगी। सीएमओ का कहना है निजी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर उनके संचालन पर रोक लगेगी।

राजधानी में करीब एक हजार निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। हर अस्पताल संचालक ने अपने पंजीकरण-नवीनीकरण में एमबीबीएस डॉक्टर की डिग्री फुल टाइम लगा रखी है। जबकि मौके पर एमबीबीएस की बजाय दूसरी विधा के डॉक्टर इलाज करते मिलते हैं। यहां तक आईसीयू व वेंटीलेटर यूनिट में एमबीबीएस की जगह दूसरी विधा के डॉक्टर संचालन करा रहे हैं। मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को होने बाद भी काेई कार्रवाई नहीं होती है। मरीजों के इलाज लगातार हो रही कोताही को लेकर डीजी परिवार कल्याण ने निजी अस्पतालों की निगरानी के निर्देश सीएमओ को दिए हैं। इसमें निजी अस्पतालों का निरीक्षण करके कुशल डॉक्टर न मिलने पर उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कमेटी बनाकर निजी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी। जांच में एमबीबीएस की जगह दूसरी विधा के डॉक्टर मिले तो नोटिस जारी करके कार्रवाई होगी।
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हाल की जांच में कुशल डॉक्टर नहीं मिले

निगोहां दयालपुर के मजरा परमेश्वरखेड़ा निवासी मजदूर शैलेंद्र कुमार की पत्नी प्रेमलता (26) को डिलवरी के लिए 18 अगस्त की सुबह 11 बजे गए थे। इस दौरान पारस अस्पताल में कोई भी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं थी। बीएमएस डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए भेज दिया था। जांच में बच्चा उल्टा था और गर्दन में फंदा लगा हुआ था। ऐसे में सिजेरियन ऑपरेशन होना था। अस्पताल प्रशासन ने प्रसव की डेट बीतने बाद भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं कराया। इससे प्रसूता को ब्लीडिंग शुरू हो गई। हॉयर सेंटर पहुंचने से पहले गर्भवती की मौत हो गई।
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