16 साल बाद भी नहीं हुई मकान की रजिस्ट्री: अस्पताल से वॉकर के सहारे पहुंचे गुप्ता जी, बोले- जिंदगी नरक हो गई
16 साल पहले खरीदे गए मकान की रजिस्ट्री अब तक न हो पाने को लेकर नागरिक सुविधा दिवस में पहुंचते ही ओम प्रकाश फफक पड़े। बोले- जिंदगी नरक हो गई।
विस्तार
ओम प्रकाश गुप्ता के दोनों घुटनों की सर्जरी हुई है...। अभी वह अस्पताल से छुट्टी भी नहीं पा सके हैं। पर, एलडीए के नागरिक सुविधा दिवस के बारे में सुना तो चल पड़े। वॉकर के सहारे किसी तरह एलडीए पहुंचे। वजह-एलडीए से 16 साल पहले खरीदे ईडब्ल्यूएस मकान की रजिस्ट्री नहीं हो पाना। ये सिर्फ ओमप्रकाश गुप्ता का ही दर्द नहीं है। अगर सिस्टम सही से काम करता, तो लोगों को इस तरह से मायूस नहीं होना पड़ता।
मंगलवार सुबह के 11.30 बजे थे। गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में तब तक गहमागहमी बढ़ चुकी थी। एलडीए अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब लोगों की व्यथा सुन रही थीं। इसी बीच वॉकर के सहारे कुर्सी रोड स्थित जानकीपुरम निवासी ओम प्रकाश गुप्ता वॉकर के सहारे पहुंचते हैं। पत्नी संतोष उन्हें सहारा दे रही थीं। जैसे ही उनसे समस्या पूछी जाती है तो वह फफक पड़ते हैं। बोले-रजिस्ट्री के लिए चक्कर लगाते थक गया। जिंदगी नरक हो गई। दोनों घुटनों का ऑपरेशन कराया है। सीधे अस्पताल से आ रहा हूं। एक साल पहले रजिस्ट्री की सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी। बाबू को सुविधा शुल्क भी दे दिया। फिर भी उसने रजिस्ट्री नहीं कराई। अफसरों तक जैसे ही यह मामला पहुंचा तो ओम प्रकाश की पत्नी को बुलाकर मामले की जानकारी ली। इसके तत्काल बाद मंगलवार को ही मकान की रजिस्ट्री कराने का आदेश जारी कर दिया गया। अगर ऐसे समाधान मिलें तो लोग क्यों भटकें?
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एलडीए 11 साल से नहीं हटा रहा अवैध कब्जा
आशियाना क्षेत्र के पंकज कुमार भी परेशान दिखे। वह बताते हैं कि आशियाना के सेक्टर-एम में प्लाॅट संख्या 552 की साल 2012 में एलडीए ने रजिस्ट्री की थी। इस भूखंड पर पहले से अवैध कब्जा था। शिकायत के बाद भी एलडीए अवैध कब्जा नहीं हटा रहा है। बहरहाल, उन्हें नागरिक सुविधा दिवस में आश्वासन मिला कि कब्जा हट जाएगा।
अफसरों की सांठगांठ से बन रही अवैध बिल्डिंग
भाजपा महानगर इकाई के मंडल अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह ने एलडीए वीसी को पत्र देकर जानकारी दी कि प्रवर्तन जोन के अफसरों की सांठगांठ से सीलिंग की जमीन पर अवैध बिल्डिंग बन रही है। इस मामले की प्रवर्तन जोन पांच के अफसरों से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि यह जमीन एलडीए की है, जिसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई। वीसी ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जोनल प्रभारी से मांगी है।
बिल्डर की पैरवी करने लगा सहायक अभियंता तो पड़ी फटकार
प्रवर्तन जोन छह में अवैध निर्माण करने वाले बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसकी पैरवी करने पर मंडलायुक्त ने सहायक अभियंता लल्लन प्रसाद को फटकार लगाई। मंडलायुक्त ने वीसी को निर्देश दिया कि अभियंता को चार्जशीट देकर वह शासन को भेजें। लल्लन प्रसाद चार दिन बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बाद में लल्लन प्रसाद ने अपनी गलती मानते हुए बिल्डर को नोटिस न जारी करने पर मंडलायुक्त से माफी भी मांगी।
कब्जा करने वाली महिला दे रही जान से मारने की धमकी
रजत मेहरोत्रा बताते हैं कि अलीगंज सेक्टर-सी में एलडीए ने उन्हें प्लाॅट आवंटित किया है। पर, एक महिला का उस प्लॉट पर अवैध कब्जा है। जब शिकायत करने की बात करता हूं, तो जान से मारने की धमकी देती है। पहली बार एलडीए की जन सुनवाई में आया हूं। आयुक्त ने संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पुश्तैनी जमीन महिला ने बेच दी
ऋषि कुमारी ने मंडलायुक्त को बताया कि सदर तहसील क्षेत्र के पांडेयगंज गल्लामंडी में मेरी पुश्तैनी जमीन थी। एक महिला ने उसे अपनी जमीन बताते हुए एक करोड़ रुपये में बेच दिया। विरोध करने पर बोली- मेरे ससुर के नाम पर है, जबकि पुश्तैनी जमीन के मेरे पास कागजात हैं। आयुक्त से पिछले सप्ताह शिकायत की गई थी। किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी।
सील बिल्डि़ंग में निर्माण पर जोनल अफसर को प्रतिकूल प्रविष्टि
सील की गयी अवैध बिल्डिंग में निर्माण कार्य चालू होने की शिकायत पर प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी अरविंद त्रिपाठी को मंडलायुक्त ने प्रतिकूल प्रवृष्टि दी। वहीं काम में लापरवाही बरतने वाले प्रवर्तन जोन-6 के सहायक अभियंता लल्लन प्रसाद को चार्जशीट दी गई। मंडलायुक्त ने बसंतकुंज के आश्रयहीन मकानों पर अवैध कब्जे के मामले में तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि नागरिक सुविधा दिवस में कुल 80 शिकायतें आईं, जिनमें से 24 का समाधान मौके पर ही कर दिया।
सबसे ज्यादा शिकायतें एलडीए की
1. लखनऊ विकास प्राधिकरण-49
2. जिला प्रशासन-4
3. पुलिस-5
4. नगर निगम-10
5. विद्युत वितरण निगम-5
6. डूडा-1
7. आवास विकास-4
8. जिला समाज कल्याण विभाग-1
9. सेतु निगम-1