फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   LUCKNOW NEWS

Lucknow News: बिजली फॉल्ट अब पूरे इलाके को नहीं देगा झटका

Mon, 07 Aug 2023 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Aug 2023 01:57 AM IST
विज्ञापन
LUCKNOW NEWS

विज्ञापन

नरेश शर्मा

लखनऊ। कोई खराबी आने पर अब पूरे इलाके की बिजली नहीं काटनी पड़ेगी। ट्रिपिंग होते ही लेसा को पता चल जाएगा कि समस्या कहां आई है। उसे तलाशने की जहमत नहीं करनी पड़ेगी। वहीं ऐसी तकनीकी व्यवस्था की जाएगी, इससे जहां समस्या है उसी क्षेत्र की बिजली काटनी पड़ेगी। लेसा इसको लेकर एक महीने में ट्रायल शुरू करने जा रहा है। ट्रायल के लिए राजभवन खंड के डालीबाग उपकेंद्र से जुड़े गोखले मार्ग फीडर को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। ट्रायल सफल रहा तो इसे हर जगह लागू किया जाएगा। इससे शहर के आठ लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।



गोखले मार्ग फीडर से 10 अपार्टमेंट, होटलों एवं कॉलोनी के 650 उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति होती है। इस फीडर से 14 ट्रांसफार्मर जुड़े हुए हैं। अभी इनमें से किसी भी ट्रांसफार्मर या कहीं पर लाइन में फाॅल्ट आने पर उसे दुरुस्त करने के लिए पूरे फीडर की बिजली बंद करनी पड़ती है। इसे नो ट्रिपिंग जाेन बनाने के लिए सभी ट्रांसफार्मर पर ब्रेकर और रिले सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे फाॅल्ट से संबंधित ट्रांसफार्मर की ही बिजली बंद होगी। इस पायलट प्रोजेक्ट पर 1.48 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन


जानिए क्या है ब्रेकर और रिले सिस्टम



रिले : इस डिवाइस से कहां फॉल्ट आया, यह पता चल सकेगा। यह भी पता चल जाएगा कि किन वजहों से फॉल्ट आया। इससे कर्मचारियों को फॉल्ट ढूंढने में समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




ब्रेकर : यह ऐसा सिस्टम है जिससे बिजली की आपूर्ति बहाल व बंद की जाती है। अभी यह सिस्टम 33 केवी और 11 केवी के उपकेंद्रों के ट्रांसफार्मर पर लगाए जाते हैं। पहली बार यह स्थानीय ट्रांसफार्मर पर लगाए जाएंगे। इस ब्रेकर के जरिये खराबी या फॉल्ट से संबंधित ट्रांसफार्मर की आपूर्ति बंद की जा सकेगी। इससे वह सप्लाई सर्किट से अलग हो जाएगा जिससे अन्य इलाकों की बिजली चालू रहेगी।





अभी फॉल्ट आने पर कम से कम 20 मिनट गुल रहती है बिजली

मौजूदा सिस्टम में एक फीडर के किसी ट्रांसफार्मर में फाॅल्ट आने पर उसको सप्लाई सर्किट से अलग करने और दोबारा फीडर को चालू करने की व्यवस्था में कम से कम 20 मिनट लग जाते हैं। इस दरम्यान बिजली गुल रहती है। इससे औसतन 2500 उपभोक्ता प्रभावित होते हैं।




पूरे फीडर की बंद नहीं होगी बिजली



मुख्य अभियंता, लेसा सिस गोमती जोन संजय जैन का कहना है कि ट्रांसफार्मर एवं मीटर रूम में फाॅल्ट या तकनीकी खामी आने पर उसे ठीक करने के लिए 11 केवी फीडर के अन्य ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति को बंद नहीं करना पड़ेगा। जिस ट्रांसफार्मर में फाॅल्ट होगा, उसे ही ठीक करने के लिए बिजली बंद होगी। इससे फीडर के अन्य उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आएगा।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed