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Lucknow News : फिरौती वसूलने में दरोगा व उसके साथी को उम्रकैद, साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपी बरी
Fri, 09 Dec 2022 12:12 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Dec 2022 12:12 AM IST
सार
सरकारी वकील महेश कुमार त्रिपाठी ने कोर्ट में बताया कि वादी हरिराम भारद्वाज ने गुडंबा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 24 फरवरी 2011 की रात दो लोग घर आए और बताया कि वादी के बेटे अभिनव ने उसके क्षेत्र में अपराध किया है।
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Corruption
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फिरौती वसूलने और भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट ने कानपुर नगर के तत्कालीन दरोगा कुशलपाल सिंह और उसके साथी राजीव पाठक को दोषी ठहराया है। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही कुशलपाल पर 80 हजार और राजीव पर 70 हजार का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा साक्ष्य के अभाव में सुशील कुमार सिंह, रामचंद्र और और राम दुलारे को बरी कर दिया।
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सरकारी वकील महेश कुमार त्रिपाठी ने कोर्ट में बताया कि वादी हरिराम भारद्वाज ने गुडंबा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 24 फरवरी 2011 की रात दो लोग घर आए और बताया कि वादी के बेटे अभिनव ने उसके क्षेत्र में अपराध किया है। लिहाजा गिरफ्तारी करनी है। अभिनव घर पर नहीं था तो बड़े बेटे विवेक को ले गए। आरोपी दूसरे दिन की सुबह विवेक को गाड़ी से लेकर आए। कहा कि बेटे को जेल जाने से बचाना है तो 50 हजार लेकर डालीगंज क्रॉसिंग के पास आ जाओ।
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रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस टीम वादी को लेकर डालीगंज क्रॉसिंग के पास पेट्रोल पंप पर गई और मार्शल में बैठे कुशलपाल सिंह और राजीव पाठक, सुशील कुमार को गिरफ्तार किया। कुशल पाल के पास से सरकारी पिस्टल बरामद की थी। इस दौरान वहां आए एक अन्य व्यक्ति राम मिलन सिंह ने बताया था कि आरोपी उसके बेटे रवि को भी पकड़ लाए थे, जिसे छुड़ाने के एवज में बीस हजार रुपये लिए हैं। पुलिस ने कुशल पाल की तलाशी ली तो उसके पास से बीस हजार रुपये और दो हथकड़ी भी बरामद हुई थी।
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