{"_id":"61bcfa6588ff6a6cba340d80","slug":"lucknow-news-high-court-said-dismissal-of-muslim-woman-who-works-as-sc-is-right","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ : हाईकोर्ट ने कहा- एससी बनकर नौकरी करने वाली मुस्लिम महिला की बर्खास्तगी सही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ : हाईकोर्ट ने कहा- एससी बनकर नौकरी करने वाली मुस्लिम महिला की बर्खास्तगी सही
Sat, 18 Dec 2021 02:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 18 Dec 2021 02:30 AM IST
सार
महिला प्रधानाचार्या पद पर प्रमोशन भी पा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि महिला द्वारा की गई धोखाधड़ी से उसकी नियुक्ति ही निरस्त हो जाती है।
विज्ञापन
Lucknow High Court
विस्तार
इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 21 साल से ज्यादा समय तक अनुसूचित जाति कोटे से नौकरी कर रही एक मुस्लिम महिला की बर्खास्तगी को सही ठहराया है। महिला प्रधानाचार्या पद पर प्रमोशन भी पा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि महिला द्वारा की गई धोखाधड़ी से उसकी नियुक्ति ही निरस्त हो जाती है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने यह फैसला मुन्नी रानी की याचिका को खारिज कर सुनाया। महिला ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई के दो जुलाई 2021 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिससे याची की सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति को निरस्त करते हुए उसकी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जब याची के सर्विस रिकॉर्ड को तलब किया तो पाया कि याची को 30 नवंबर 1999 को सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति मिली थी।
विज्ञापन
याची ने खुद को अनुसूचित जाति से संबंधित बताते हुए जाति प्रमाण पत्र भी लगाया था। वर्ष 2004 में उसे प्रधानाचार्या के पद पर प्रोन्नति भी मिल गई। एक व्यक्ति ने हरदोई के डी एम को शिकायत भेज कर कहा कि याची मुस्लिम समुदाय से है। उसकी सर्विस बुक में भी उसका मजहब इस्लाम लिखा है। मामले की जांच में पाया गया कि जाति प्रमाण पत्र पांच नवंबर 1995 को तहसीलदार सदर लखनऊ ने जारी किया है।
विज्ञापन
वहीं याची के आवेदन पत्र में उसकी जाति ‘अंसारी’ लिखी हुई थी। बावजूद इसके कूटरचित जाति प्रमाण पत्र के आधार पर याची ने नौकरी प्राप्त कर ली। अदालत ने याची को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश को सही करार देकर याचिका खारिज कर दी।