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Lucknow News : भ्रष्टाचार के आरोप में चार मुख्य सेविका निलंबित, पोषाहार बाजार में बेचने की शिकायत पर गिरी गाज
Tue, 13 Dec 2022 09:20 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 13 Dec 2022 09:20 PM IST
सार
सभी पर पोषाहार के दुरूपयोग के आरोप में कार्रवाई की गई है। प्रयागराज के मामले की जांच मुख्यालय में तैनात उप निदेशक (पोषण एवं स्वास्थ्य) को और गाजीपुर के मामले की जांच राज्य पोषण मिशन मुख्यालय के बाल विकास परियोजना अधिकारी को सौंपी गई है।
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विस्तार
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए नवनियुक्त निदेशक आईसीडीएस सरनीत कौर ब्रोका ने चार मुख्य सेविकाओं को निलंबित कर दिया है। इनमें शामिल साधना शुक्ला (प्रभारी सीडीपीओ), आशा देवी और सुशीला देवी प्रयागराज के होलागढ़ ब्लाक में तैनात हैं, जबकि सोना सिंह (प्रभारी सीडीपीओ) की तैनाती गाजीपुर के सदर ब्लाक में है।
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सभी पर पोषाहार के दुरूपयोग के आरोप में कार्रवाई की गई है। प्रयागराज के मामले की जांच मुख्यालय में तैनात उप निदेशक (पोषण एवं स्वास्थ्य) को और गाजीपुर के मामले की जांच राज्य पोषण मिशन मुख्यालय के बाल विकास परियोजना अधिकारी को सौंपी गई है।
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निदेशक आईसीडीएस द्वारा जारी निलंबन आदेश के मुताबिक साधना शुक्ला, सुशीला देवी और उसके पुत्र शेरू के अलावा शासा देवी द्वारा बहुत दिनों से होलागढ़ ब्लाक के लिए मिले पोषाहार केरूप में मिले दाल, तेल, चना और गेंहू की दलिया आदि प्रतापगढ़ ले जाकर बाजार में बेचने का धंधा किया जा रहा था। इसका खुलासा होने पर विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच कराई गई तो शिकायत सही पाया गया है।
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इस मामले में पिछले दिनों प्रतापगढ़ के संग्रामगढ़ में चारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। लेकिन स्थानीय स्तर पर मामले को काफी दिनों तक दबाये रखा गया। इस बीच नई निदेशक ने कार्यभार ग्रहण किया तो उनके संज्ञान में मामला आया। इस पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीनों को निलंबित कर दिया है। साथ ही साधना को वहां से हटाकर बांदा, आशा को बदायूं और सुशीला को मेरठ डीपीओ कार्यालय से संबंध कर दिया है।
शादी के नाम पर घर ले गई पोषाहार
आईसीडीएस मुख्यालय को गाजीपुर केडीएम द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक सदर ब्लाक की प्रभारी सीडीपीओ और मुख्य सेविक सोना सिंह ने लिपिक के शादी के नाम पर पोषाहार के रूप में प्राप्त कई क्विंटल दाल और रिफाइन तेल की वसूली करकेघर ले गईं। उन्होंने ब्लाक के अधीन सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से दो-दो पैकेट दाल और रिफाइन तेल इकट्ठा कराया था।
इसके लिए उसने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वाट्सएप पर मैसेज भी भेजा था। इसके आधार पर उपायुक्त श्रम एवं रोजगार से शिकायतों की जांच कराई गई थी, जिसमें सोना पर लगे आरोपों की पुष्टि होने पर निदेशक आईसीडीएस ने उसे निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हें जिला कार्यक्रम अधिकारी अमेठी के कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।