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Lucknow News : आगरा विवि की मेडिकल कॉपियां बदलने के मामले में ईडी ने दाखिल किया आरोप पत्र
Tue, 19 Sep 2023 12:47 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 19 Sep 2023 12:47 AM IST
सार
ईडी की जांच में सामने आया कि टेंपो चालक देवेंद्र सिंह परीक्षा केंद्रों से कॉपियां लेकर उनको डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजी के कार्यालय के बजाय दूसरे स्थान पर ले जाता था, जहां इन कॉपियों की जगह दूसरी नई कॉपियों को लिखा जाता था।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा विश्वविद्यालय की मेडिकल परीक्षा की कॉपियां बदलने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को गाजियाबाद की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इसमें मेडिकल परीक्षा कराने वाली डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजी कंपनी के संचालक डेविड मारियो डेनिस, छात्रनेता राहुल पाराशर, अमरदीप, दीपक सिंह, देंवेंद्र सिंह, भीकम सिंह समेत करीब दस आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उनके खिलाफ तमाम सबूत पेश किए है।
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बता दें कि ईडी ने विगत 22 जुलाई को डेविड मारियो डेनिस, राहुल पाराशर और टेंपो चालक देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। तीनों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद पूछताछ की गई, जिसके बाद आगरा विश्वविद्यालय से बदली गयी 306 कॉपियों को बरामद किया गया था। ईडी की जांच में सामने आया कि डेविड मोरिया छात्रनेता राहुल पाराशर के साथ मिलकर एमबीबीएस और बीएएमएस के छात्रों से परीक्षा की कॉपियां बदलने के लिए प्रति विषय एक से डेढ़ लाख रुपये लेता था।
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इस तरह उन्होंने करीब तीन करोड़ रुपये वसूले थे। इसके पुख्ता प्रमाण बैंक खातों में भेजी रकम की एंट्री की पड़ताल करने पर ईडी के हाथ लगे थे। ईडी ने छात्रों को बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने डेविड मारियो और राहुल पाराशर द्वारा पैसा लेने की बात कबूली। ईडी ने उनके बयानों को भी अदालत में आरोप पत्र के साथ जमा कराया है। बता दें कि इससे पहले ईडी ने आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारकर बड़ी संख्या में ओएमआर शीट, बदली हुई कॉपियां, पुरानी मूल कॉपियां, मार्क्सशीट छापने वाली मशीन, बार कोड छापने वाली मशीन, खाली मार्क्सशीट, डिग्री सर्टिफिकेट आदि बरामद किए थे।
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रास्ते में बदल जाती थी कॉपियां
ईडी की जांच में सामने आया कि टेंपो चालक देवेंद्र सिंह परीक्षा केंद्रों से कॉपियां लेकर उनको डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजी के कार्यालय के बजाय दूसरे स्थान पर ले जाता था, जहां इन कॉपियों की जगह दूसरी नई कॉपियों को लिखा जाता था। तत्पश्चात उसमें असली दिखने वाला बार कोड लगाया जाता था ताकि किसी को शक न हो। वहीं राहुल पाराशर छात्रों कई एजेंटों के जरिए छात्रों को फंसाता था।
ईडी आगे भी करेगा जांच
सूत्रों के मुताबिक ईडी इस मामले में आगरा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक, परीक्षा विभाग के कर्मचारियों और डिजिटेक्स्ट टेक्नोलॉजी के दो अन्य निदेशकों नौशाबा खान और अमित कुमार सिंह के खिलाफ जांच जारी रखेगा। इस प्रकरण में उनकी संलिप्तता के प्रमाण मिलने पर अनुपूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।