Lucknow News : अनिल राजभर ने 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, पांच वर्ष में प्रदेश को कर देंगे बाल श्रम से मुक्त
राजभर ने बताया कि नया सवेरा योजना के तहत 20 जिलों में कामकाजी बच्चों को कार्य से मुक्त कराकर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। 275 हॉट-स्पाट (179 ग्राम पंचायतों व 96 शहरी वार्डों) को बाल श्रम मुक्त घोषित कराया गया है।
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श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश को बाल श्रम से मुक्त कर दिया जाएगा। राजभर बृहस्पतिवार को लोकभवन में अपने विभाग का सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे थे। राजभर ने कहा कि विभाग ने 100 दिन के सभी लक्ष्यों को पूरा किया है। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा, विभिन्न नियोजनों में उनकी भागीदारी को बढ़ाना, बाल एवं बंधुआ श्रम उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यों को प्रारंभ किया गया है। छोटे दुकानदारों को पंजीकरण व अन्य सभी दुकानदारों को नवीनीकरण से मुक्त किया किया गया है।
मंत्री के मुताबिक मुख्य रूप से प्रदेश के विभिन्न कारखानों में रात्रि पाली में महिलाओं के लिए समान नीति तैयार की गयी है। रात्रि पाली में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा व सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। बंधुआ श्रमिकों के संबंध में शिकायत के लिए एक पोर्टल तैयार किया गया है। इस व्यवस्था से अन्य प्रदेशों में उप्र के मूल निवासी श्रमिक, जो कभी-कभी बंधुआ की स्थिति में फंस जाते हैं, उनको मुक्त कराने में सहयोग मिलेगा।
बच्चों के जीवन में नया सवेरा
राजभर ने बताया कि नया सवेरा योजना के तहत 20 जिलों में कामकाजी बच्चों को कार्य से मुक्त कराकर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। 275 हॉट-स्पाट (179 ग्राम पंचायतों व 96 शहरी वार्डों) को बाल श्रम मुक्त घोषित कराया गया है। राजभर ने बताया कि इस अवधि में 90 रोजगार मेलों के लक्ष्य के सापेक्ष 545 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसमें 56915 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्रों में चयनित किया गया।
जल्द ही 7 नए छात्रावासों का निर्माण होगा : कश्यप
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए जल्द ही प्रदेश में सात नए छात्रावास बनाए जाएंगे। साथ ही दिव्यांगजन के लिए भी विभाग लगातार कार्य कर रहा है। मंत्री ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए बरेली में दो, हरदोई में एक, कौशांबी में एक तथा अयोध्या में तीन छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। 100 दिनों में पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए 5 लक्ष्य थे। सभी पर काम पूरा किया गया है। इस क्रम में अंबेडकरनगर और आजमगढ़ में छात्रावास बन गए हैं। गोरखपुर में जल्द ही छात्रावास बनकर पूरा हो जाएगा। इसी तरह से 8 लक्ष्य दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के थे जो पूरे हुए। इनमें खासतौर से 16 विशेष विद्यालय में स्मार्ट क्लास चलाने का काम पूरा हुआ। 9 बचपन डे केयर सेंटरों को आईएसओ प्रमाण पत्र दिलाया गया। डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में ब्रेल प्रेस की स्थापना हुई। यही पर निर्मित कृत्रिम अंगों के प्रत्यारोपण एवं पुनर्वास केंद्र के संचालन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।