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Lucknow Metro: सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के लिए टेंडर होली के बाद, प्रति स्टेशन 300 करोड़ खर्च का अनुमान

Sun, 22 Feb 2026 11:32 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 22 Feb 2026 11:32 PM IST
सार

चारबाग से बसंतकुंज के बीच लखनऊ मेट्रो के 12 किलोमीटर लंबे दूसरे कॉरिडोर के निर्माण होना है। इसमें कुल 12 स्टेशन (7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड) बनने हैं। पूरे प्रोजेक्ट को 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।

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Lucknow Metro: Tender for seven underground metro stations after Holi
लखनऊ मेट्रो (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण के तहत सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए टेंडर होली के बाद किए जा सकते हैं। इसके लिए अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे एक साथ तीन काम शुरू हो सकेंगे। बसंतकुंज मेट्रो डिपो के साथ एलिवेटेड व भूमिगत स्टेशनों का निर्माण गति पकड़ेगा। अप्रैल से निर्माण कार्य नजर आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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गत दिवस केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से 2884 करोड़ रुपये लोन की अनुमति मिल गई है। चारबाग से बसंतकुंज के बीच लखनऊ मेट्रो के 12 किलोमीटर लंबे दूसरे कॉरिडोर के निर्माण होना है। इसमें कुल 12 स्टेशन (7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड) बनने हैं। प्रत्येक भूमिगत स्टेशन पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। पूरे प्रोजेक्ट को 5 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
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ये सात भूमिगत स्टेशन गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा, चौक और नवाजगंज हैं। वहीं, 5 एलिवेटेड स्टेशन ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज बनेंगे।इनके टेंडर अंतिम चरण में हैं, 15 दिन में फाइनल होंगे। भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए भारी-भरकम टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से धरातल पर निर्माण कार्य नजर आने लगेगा।

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