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Triple Murder: लल्लन खान पर 18 केस... तब भी बन गया शस्त्र लाइसेंस और पासपोर्ट; पोलैंड जा चुका है हिस्ट्रीशीटर
Sat, 03 Feb 2024 10:49 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:49 AM IST
सार
Lucknow Malihabad Triple Murder: लखनऊ के मलिहाबाद के मोहम्मदनगर तालुकेदारी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर हुए विवाद में हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे और साथियों के साथ घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मां-बेटे और चचेरे भाई को मार डाला। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई।
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Triple Murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ के मलिहाबाद में तीन लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी लल्लन खान उर्फ सिराज पर 18 आपराधिक केस दर्ज हैं। वह मलिहाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इतना लंबा आपराधिक इतिहास होने के बावजूद उसके पास लाइसेंसी राइफल है। पासपोर्ट भी है।
सवाल है कि आखिर उसका शस्त्र लाइसेंस और पासपोर्ट कैसे बन गया? इसमें जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही रही है। अब मामले में जांच के आदेश हुए हैं। जिम्मेदार फंसेंगे और नपेंगे। डीसीपी पश्चिम राहुल राज के मुताबिक लल्लन खान पर हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। लल्लन पर आखिरी केस 1999 में दर्ज हुआ था। वारदात के बाद जब पुलिस ने राइफल बरामद की तो पता चला कि वह लल्लन की लाइसेंसी राइफल है। जिसका लाइसेंस साल 2010 में बनवाया गया। इसको पुलिस अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया है। क्योंकि आपराधिक इतिहास होने के बावजूद शस्त्र लाइसेंस का बन जाना सवाल खड़े करता है।
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अब इसमें विभागीय जांच भी होगी। जिससे पता चल सकेगा कि क्या आपराधिक इतिहास छिपाकर लल्लन ने लाइसेंस बनवाया या फिर तत्कालीन पुलिस-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाइसेंस बनवाया। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सवाल है कि आखिर उसका शस्त्र लाइसेंस और पासपोर्ट कैसे बन गया? इसमें जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही रही है। अब मामले में जांच के आदेश हुए हैं। जिम्मेदार फंसेंगे और नपेंगे। डीसीपी पश्चिम राहुल राज के मुताबिक लल्लन खान पर हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
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उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई थी। लल्लन पर आखिरी केस 1999 में दर्ज हुआ था। वारदात के बाद जब पुलिस ने राइफल बरामद की तो पता चला कि वह लल्लन की लाइसेंसी राइफल है। जिसका लाइसेंस साल 2010 में बनवाया गया। इसको पुलिस अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया है। क्योंकि आपराधिक इतिहास होने के बावजूद शस्त्र लाइसेंस का बन जाना सवाल खड़े करता है।
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अब इसमें विभागीय जांच भी होगी। जिससे पता चल सकेगा कि क्या आपराधिक इतिहास छिपाकर लल्लन ने लाइसेंस बनवाया या फिर तत्कालीन पुलिस-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाइसेंस बनवाया। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पोलैंड जा चुका है हिस्ट्रीशीटर
लल्लन खान का पासपोर्ट भी है। जबकि जिन पर आपराधिक केस होते हैं, उनका पासपोर्ट नहीं बनता है। ये उसी दौरान पकड़ में आ जाता है जब पासपोर्ट आवेदन के बाद पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया होती है। अब सवाल है कि क्या सत्यापन में खेल किया गया था।
लल्लन खान का पासपोर्ट भी है। जबकि जिन पर आपराधिक केस होते हैं, उनका पासपोर्ट नहीं बनता है। ये उसी दौरान पकड़ में आ जाता है जब पासपोर्ट आवेदन के बाद पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया होती है। अब सवाल है कि क्या सत्यापन में खेल किया गया था।
आपराधिक केस होने के बावजूद उसकी सत्यापन रिपोर्ट में संस्तुति कर दी गई। तभी उसका पासपोर्ट बना। यही नहीं वह पोलैंड भी जा चुका है। इसके अलावा भी कई देशों में जाने की आशंका है। पुलिस तफ्तीश कर रही है।
पैमाइश के बारे में थाने पर कोई सूचना नहीं दी गई थी। इसलिए वहां पर फोर्स नहीं था। विवाद पुराना लंबित मामला है। आरोपी के पास असलहा लाइसेंस व पासपोर्ट होने की जानकारी सामने आई है। इसकी बहुत गहनता से जांच की जाएगी। बेहद सख्त कार्रवाई होगी। - एसबी शिरडकर , पुलिस कमिश्नर
पैमाइश के वक्त छह फीट जमीन को लेकर हुआ विवाद, मां-बेटे समेत तीन की हत्या
आपको बता दें कि लखनऊ के मलिहाबाद के मोहम्मदनगर तालुकेदारी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार को हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे और साथियों संग मिलकर घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मां-बेटे और चचेरे भाई की हत्या कर दी। असलहा लहराते हुए आरोपी फरार हो गए।
आपको बता दें कि लखनऊ के मलिहाबाद के मोहम्मदनगर तालुकेदारी गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर हुए विवाद में शुक्रवार को हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटे और साथियों संग मिलकर घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मां-बेटे और चचेरे भाई की हत्या कर दी। असलहा लहराते हुए आरोपी फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात कैद हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस कमिश्नर समेत अन्य अधिकारी, फोरेंसिक टीम और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। एफआईआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी समेत अन्य की तलाश में पांच टीमें लगाई गई हैं।
गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर लल्लन खान का गांव के ही रहने वाले फरीद खान (लल्लन के रिश्ते में दामाद) से जमीन का विवाद चल रहा था। इस जमीन में दो और भी हिस्सेदार हैं। शुक्रवार को मीठेनगर में विवादित जमीन की पैमाइश होनी थी। फरीद के अलावा अन्य दोनों पक्षों के लोग मौके पर मौजूद थे। वहां पैमाइश के दौरान छह फीट जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया।
विवाद की जानकारी होते ही बीच रास्ते से फरीद वापस घर लौट गए थे। उधर, लल्लन इस विवाद के पीछे फरीद की साजिश मान रहा था। वह वहां से तुरंत (करीब साढ़े तीन बजे) अपने बेटे फराज खान व अन्य साथियों के साथ थार से फरीद के घर पहुंच गया। वे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। इसमें फरीद के (15) वर्षीय बेटे हंजला, पत्नी फरहीन (35) और बीच-बचाव करने पहुंचे फरीद के चाचा मुनीर (55) को गोलियां लग गईं। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने लल्लन के ड्राइवर अशरफी को गिरफ्तार कर लिया है।
50 साल से काबिज था लल्लन, इसलिए रखी खुन्नस
तीन बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस जमीन पर अपनी दबंगई की वजह से लल्लन करीब 50 साल से काबिज था। यह जमीन मुख्य रूप से गांव निवासी तैयब, सिराज व फरीद के नाम पर थी। तैयब लंदन में रहते हैं। उन्होंने अपनी जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अपने भाई मसूद खान को कर रखी है। पैमाइश के दौरान मसूद के खान के बेटे सलमान व फराह मौजूद थे। फरीद घर पर ही थे। कुछ वक्त पहले लल्लन की तरफ से जमीन को लेकर केस फाइल किया था।
तीन बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस जमीन पर अपनी दबंगई की वजह से लल्लन करीब 50 साल से काबिज था। यह जमीन मुख्य रूप से गांव निवासी तैयब, सिराज व फरीद के नाम पर थी। तैयब लंदन में रहते हैं। उन्होंने अपनी जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अपने भाई मसूद खान को कर रखी है। पैमाइश के दौरान मसूद के खान के बेटे सलमान व फराह मौजूद थे। फरीद घर पर ही थे। कुछ वक्त पहले लल्लन की तरफ से जमीन को लेकर केस फाइल किया था।
इसका फैसला मसूद व अन्य के पक्ष में आया था। अब लल्लन ने पैमाइश के लिए आवेदन किया था। पैमाइश करने लेखपाल पहुंचा था। पैमाइश के दौरान 6 फीट जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया था। इससे बीच में पैमाइश रुक गई। लल्लन फरीद से खुन्नस रखे थे, क्योंकि उसको अंदेशा था कि पूरे विवाद के पीछे फरीद है। इसलिए उसने उनके घर पर धावा बोल गोलियां दागीं।